देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया अब तेज हो गई है। राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 के तहत लोकायुक्त के अध्यक्ष एवं सदस्यों के चयन के लिए खोजबीन समिति (सर्च कमेटी) का गठन कर दिया है। इसे मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami सरकार की पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि 4 जून 2026 को आयोजित चयन समिति की बैठक में हुए विचार-विमर्श तथा लोकायुक्त अधिनियम की धारा 4(3) के अंतर्गत प्राप्त संस्तुति के आधार पर खोजबीन समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। खोजबीन समिति तैयार करेगी योग्य नामों का पैनल गठित समिति का मुख्य दायित्व लोकायुक्त के अध्यक्ष और सदस्य पदों के लिए योग्य एवं उपयुक्त व्यक्तियों के नामों का पैनल तैयार कर चयन समिति को उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद चयन समिति अंतिम चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। समिति में शामिल किए गए अनुभवी सदस्य राज्य सरकार द्वारा गठित खोजबीन समिति में न्यायिक, प्रशासनिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तियों को शामिल किया गया है। समिति में: Justice Alok Verma (सेवानिवृत्त न्यायाधीश, उच्च न्यायालय नैनीताल) – अध्यक्ष Indu Kumar Pandey – सदस्य Subhash Kumar – सदस्य Radha Raturi – सदस्य Surekha Dangwal – सदस्य को शामिल किया गया है। अधिनियम के तहत होगी पूरी प्रक्रिया उत्तराखण्ड लोकायुक्त अधिनियम, 2014 की धारा 4(4) के अनुसार खोजबीन समिति लोकायुक्त के अध्यक्ष एवं सदस्य पदों के लिए योग्य व्यक्तियों के नामों का पैनल तैयार कर चयन समिति के अध्यक्ष को सौंपेगी। इसके बाद चयन समिति अंतिम नियुक्तियों पर निर्णय लेगी। पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगा बल विशेषज्ञों का मानना है कि लोकायुक्त की नियुक्ति से राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक तंत्र को मजबूती मिलेगी तथा शासन-प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। लंबे समय से लोकायुक्त की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा था और अब खोजबीन समिति के गठन से इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। Post navigation देहरादून के जंगल में युवती संग मिला दुष्कर्म का आरोपी, स्थानीय लोगों और बजरंग दल ने पकड़कर पुलिस को सौंपा देहरादून हत्याकांड के बाद बवाल, आरोपियों के घरों पर चला बुलडोजर!