लोहाघाट: उत्तराखंड के लोहाघाट क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां खुशियों से भरा एक परिवार कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। सुबह-सुबह नई कार में सवार होकर पिथौरागढ़ के कनालीछीना की ओर रवाना हुआ परिवार इस बात से अनजान था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बन जाएगी। खुशी से शुरू हुआ सफर, हादसे में खत्म काठगोदाम से पांच सदस्यीय परिवार हंसते-खेलते और सपनों के साथ रवाना हुआ था। हाल ही में 4 जून को हल्द्वानी से नई कार खरीदी गई थी, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन मरोड़ा खान और बंतोली के बीच अचानक हुए भीषण सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया। दो लोगों की मौके पर मौत दुर्घटना इतनी भीषण थी कि सीआरपीएफ में तैनात बलदेव कुमार और उनके भाई राजेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बलदेव की पत्नी नीतू गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि बच्चे अक्षिता और आरव को सिर और पैरों में चोटें आई हैं। बच्चों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पत्नी को नहीं थी हादसे की खबर हादसे के बाद का दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। घायल नीतू स्ट्रेचर पर लेटी बार-बार अपने पति, जेठ और बच्चों के बारे में पूछती रहीं। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके पति और जेठ अब इस दुनिया में नहीं रहे। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें सांत्वना दी और बच्चों को उनके सामने लाया। बच्चों को देखकर वह कुछ पल के लिए शांत हुईं, लेकिन फिर दर्द से रोने लगीं। मौके पर मचा हड़कंप, अस्पताल में जुटी भीड़ हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचने लगे और घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। रेस्क्यू ऑपरेशन में कई टीमें जुटीं रेस्क्यू अभियान में प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने मिलकर काम किया। एडीएम केएन गोस्वामी और एसडीएम नीतू डांगर की देखरेख में राहत कार्य चलाया गया। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने क्रैश बैरियर के बीच गैप होने के कारण वाहन खाई में जा गिरा। इलाके में शोक की लहर इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक खुशहाल परिवार का इस तरह बिखर जाना हर किसी को भावुक कर रहा है। यह हादसा पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सतर्कता की अहमियत को फिर से उजागर करता है। एक छोटी सी चूक या खामी कई जिंदगियों को प्रभावित कर सकती है। Post navigation उत्तराखंड में मानसून आपदा से निपटने की तैयारी तेज, 2 जुलाई को राज्यव्यापी मॉक ड्रिल