हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को हरिद्वार के भूपतवाला स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट परिसर में संपन्न हुई। बैठक के समापन के बाद दण्डी स्वामी स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती और विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बैठक में हुई चर्चाओं और पारित प्रस्तावों की जानकारी दी।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि बैठक में परिवार व्यवस्था, मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, गौ संरक्षण एवं संवर्धन, नशा मुक्ति, सामाजिक समरसता और जनगणना जैसे विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

परिवार कानूनों की समीक्षा की मांग

विहिप नेतृत्व ने कहा कि परिवार और विवाह संस्था भारतीय समाज की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। संगठन का मत है कि वर्तमान समय में परिवार से जुड़े कुछ कानूनी और सामाजिक बदलावों के प्रभावों की समीक्षा की आवश्यकता है। बैठक में परिवार कानूनों को परिवार व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों के अनुरूप बनाए रखने पर चर्चा की गई।

संतों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग से नई पीढ़ी को सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का भी आह्वान किया गया।

राम मंदिर दान विवाद पर जांच पूरी होने का इंतजार करने की अपील

प्रेस वार्ता में अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े दान विवाद का भी उल्लेख किया गया। विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को पूरा सहयोग दिया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।

संगठन ने यह भी कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही मंदिर प्रबंधन व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

गौ संरक्षण और संवर्धन पर जोर

बैठक में गौ संरक्षण और गौ संवर्धन के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। विहिप ने देशभर में गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपायों और जनजागरण अभियान चलाने की बात कही।

संगठन ने समाज के सक्षम लोगों से गौपालन को बढ़ावा देने और किसानों को गोबर एवं अन्य गौ-आधारित उत्पादों के आर्थिक उपयोग के प्रति जागरूक करने का आह्वान भी किया।

नशा मुक्ति अभियान को मिलेगा विस्तार

विहिप और बजरंग दल द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान को और व्यापक बनाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। संत समाज के सहयोग से युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता अभियान चलाने की योजना पर चर्चा हुई।

संत रविदास जयंती वर्षभर मनाने का आह्वान

बैठक में संत रविदास जी की 650वीं जयंती को देशभर में व्यापक स्तर पर मनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास के सामाजिक समरसता और मानवता के संदेश को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

जनगणना और जनसंख्या संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा

प्रेस वार्ता में आगामी जनगणना और जनसंख्या से जुड़े विषयों पर भी विचार रखे गए। संतों और विहिप प्रतिनिधियों ने सामाजिक एकता और राष्ट्रीय हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक के समापन पर हिंदू समाज की एकता, सामाजिक समरसता, गौ संरक्षण, नशा मुक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प दोहराया गया।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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