हरिद्वार में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या और वीकेंड के संयोग ने श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी है। गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं। हर की पैड़ी सहित शहर के प्रमुख घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र गंगा में स्नान करने और दान-पुण्य करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन के कष्ट दूर होते हैं। यही कारण है कि इस अवसर पर हरिद्वार में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन इस बार वीकेंड के साथ पड़ने से भीड़ और अधिक बढ़ गई। शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग, ऋषिकेश रोड, ज्वालापुर क्षेत्र, सिंहद्वार, चंडी चौक, भीमगोड़ा और हर की पैड़ी की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए, जिससे यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसना पड़ा। विशेष रूप से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण पार्किंग स्थलों पर भी दबाव बढ़ गया। प्रशासन द्वारा निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों के भर जाने के बाद वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी करनी पड़ीं। कई श्रद्धालुओं ने पैदल ही घाटों की ओर रुख किया, जिससे मार्गों पर भीड़ और बढ़ गई। हर की पैड़ी पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात किया गया है। घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से घाटों पर सावधानी बरतने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील भी की गई है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने संभाली कमान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर स्वयं सड़कों पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आए। उन्होंने विभिन्न चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। होटल, धर्मशालाएं और बाजार रहे गुलजार सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार के होटल, धर्मशालाएं और आश्रम लगभग पूरी तरह भरे हुए नजर आए। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से बाजारों में भी अच्छी रौनक देखने को मिल रही है। पूजा सामग्री, प्रसाद, धार्मिक वस्तुओं और खानपान से जुड़े कारोबारियों को भी अच्छा लाभ मिल रहा है। हर की पैड़ी, अपर रोड, मोती बाजार और रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में पूरे दिन श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। शाम को गंगा आरती के दौरान भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनावश्यक वाहन लेकर शहर के भीतरी क्षेत्रों में प्रवेश न करने की अपील की है। साथ ही निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने और यातायात नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करने को कहा है। सोमवती अमावस्या और वीकेंड के शुभ संयोग ने धर्मनगरी हरिद्वार को एक बार फिर आस्था के महासागर में बदल दिया है। गंगा तटों पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ जहां धार्मिक उत्साह का प्रतीक है, वहीं प्रशासन और पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती भी बनी हुई है। हालांकि पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते व्यवस्थाएं नियंत्रित हैं और श्रद्धालु श्रद्धा व भक्ति के साथ पुण्य स्नान का लाभ उठा रहे हैं। Post navigation धारचूला पोस्ट ऑफिस में डाक वितरण को लेकर बवाल: सवाल उठाने पर कथित धमकी, कर्मचारी निलंबित; ग्रामीणों ने की बर्खास्तगी की मांग कैंची धाम मेला 2026: लाखों भक्तों के स्वागत को तैयार बाबा नीम करौली का आश्रम, सोमवार सुबह 5 बजे से बंटेगा महाप्रसाद