विशेष जांच अभियान में पहचान पत्र और पुलिस सत्यापन की हुई जांच, सुरक्षा कारणों से गौरीकुंड भेजे गए संबंधित व्यक्ति रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड सरकार के ऑपरेशन कालनेमी’ अभियान के तहत केदारनाथ धाम में शनिवार को व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया। यात्रा मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने धाम क्षेत्र में रह रहे साधु-संतों के पहचान पत्र और पुलिस सत्यापन की जांच की। इस अभियान के दौरान 15 ऐसे साधु मिले, जिनके पास वैध पहचान संबंधी दस्तावेज अथवा आधार कार्ड उपलब्ध नहीं था। आवश्यक सत्यापन पूरा न होने के कारण पुलिस ने उनके विरुद्ध चालानी कार्रवाई की। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संबंधित व्यक्तियों को केदारनाथ धाम से गौरीकुंड भेज दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केदारनाथ धाम जैसे संवेदनशील धार्मिक क्षेत्र में निवास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापित होना अनिवार्य है। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इसी क्रम में पहचान सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा कि धाम की सुरक्षा, सुव्यवस्था और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए समय-समय पर औचक जांच अभियान चलाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। Post navigation उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने पर राष्ट्रीय मंथन, विशेषज्ञों ने रखा बहुआयामी पर्यटन विकास का विजन सोशल मीडिया पर सशक्त उपस्थिति के लिए संघ तैयार कर रहा है दक्ष स्वयंसेवक