देहरादून। महिलाओं, वृद्धों समेत विभिन्न आयु वर्ग के मतदाताओं ने उत्साह के साथ भागीदारी दर्ज की। निर्वाचन आयोग के अनुसार लगभग 65.10 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।
उत्तराखंड में पांचवी विधानसभा के सोमवार को मतदान शांतिपूर्ण रहा। राज्य चुनाव आयोग के देर रात के आंकड़े के अनुसार उत्तराखंड में मतदान 65.01 प्रतिशत हुआ। अभी इसमें भी कुछ परिवर्तन संभव है। वर्ष 2017 में राज्य में 65.56 प्रतिशत मतदान हुआ था।
प्रदेश की अधिकांश सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर होती दिखाई दे रही है तो कुछ सीटों पर निर्दलीय, आम आदमी पार्टी, बसपा के उम्मीदवार कड़ी चुनौती दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार अभी तक हरिद्वार जिले में सबसे अधिक 67.58 प्रतिशत मतदान हो चुका था। 2017 के विस चुनाव में 75.68 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। अधिकांश सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में टक्कर 2022 के चुनावी समर में पहली बार आम आदमी पार्टी ने भी सभी 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन प्रदेश की अधिकांश सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर होती दिखी है। कुछ सीटों पर निर्दलीय दोनों राष्ट्रीय दलों को चुनौती देते दिख रहे हैं तो बसपा और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भी कुछ सीटों कड़ी टक्कर देते दिख रहे हैं। पहाड़ का उत्तकाशी जिला मतदान के मामले में अभी दूसरे स्थान पर है। सबसे कम मतदान अल्मोड़ा में 50.65 प्रतिशत और पौड़ी में 51.93 प्रतिशत ही हो पाया है। 2017 के चुनाव में भी इन्हीं दो जिले( पौड़ी 54.86 प्रतिशत) और (अल्मोड़ा 53.07 प्रतिशत) सबसे कम मतदान प्रतिशत वाले थे।
जनपदवार मतदान प्रतिशत का विवरण-
चमोली-61.69
रुद्रप्रयाग-60.70
पौड़ी-57.00
टिहरी-55.41
उत्तरकाशी-67.50
देहरादून-62.24
हरिद्वार-74.67
उधमसिंह नगर-72.55
नैनीताल-66.05
अल्मोडा-53.12
बागेश्वर-61.50
पिथौरागढ़-60.60
चम्पावत-65.00
वर्षवार मतदान का विवरण
2017 – 65.56
2012 – 67.22
2006 – 59.50
2002 – 54.34
Tagged:#Uttarakhand Election 2022 #assembly election #uttarakhand voting percent