देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वाहन चालक/प्रवर्तन चालक भर्ती परीक्षा की मेरिट सूची जारी होते ही विवाद गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर बेरोजगार संगठनों तक, सूची में दर्ज नामों, जेंडर और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि आयोग ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि मेरिट सूची में दिखाई गई ज्यादातर विवादित जानकारियां अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के दौरान स्वयं भरी गई हैं।


आवेदन की जानकारी के आधार पर बनी सूची

आयोग के मुताबिक, मेरिट सूची पूरी तरह अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र में दर्ज विवरण के आधार पर तैयार की गई है। इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या बदलाव नहीं किया गया है।  आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी अभ्यर्थी ने आवेदन के समय गलत जानकारी दी है, तो दस्तावेज सत्यापन के दौरान उसे भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे अभ्यर्थियों को भविष्य की परीक्षाओं से भी प्रतिबंधित किया जा सकता है।


75 पदों के लिए हुई थी परीक्षा

गौरतलब है कि आयोग ने 75 पदों पर भर्ती के लिए 31 मई 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद 2 जून को प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी की गई। 3 से 7 जून तक अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गईं, जिनकी विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा के बाद संशोधित उत्तर कुंजी तैयार की गई। इसी के आधार पर छह गुना अभ्यर्थियों की अनंतिम मेरिट सूची जारी की गई है। इस सूची में 450 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है, जिन्हें अब ड्राइविंग दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।


अजीब नामों से शुरू हुआ विवाद

मेरिट सूची जारी होते ही “एक्सप्लोर ज्ञान” और “OKOL” जैसे नाम चर्चा का विषय बन गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाया कि ऐसे नाम सरकारी भर्ती सूची में कैसे शामिल हो सकते हैं। आयोग ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि ये किसी टाइपिंग मिस्टेक का नतीजा नहीं हैं, बल्कि अभ्यर्थियों ने आवेदन में स्वयं यही नाम दर्ज किए थे।


जेंडर गड़बड़ी पर भी सवाल

उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने मेरिट सूची में जेंडर को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कुछ महिला अभ्यर्थियों को पुरुष और कुछ पुरुषों को महिला दर्शाया गया है। इस पर आयोग का कहना है कि जेंडर से जुड़ी जानकारी भी अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के दौरान भरी गई थी और उसी के आधार पर सूची तैयार की गई है।


अंकों को लेकर भी उठे सवाल

कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी दावा किया है कि ज्यादा अंक पाने वालों का नाम सूची में नहीं है, जबकि कम अंक पाने वाले शामिल हैं। आयोग ने इस पर कहा कि कई उम्मीदवार उत्तर कुंजी के आधार पर अपने अनुमानित अंक निकाल रहे हैं, जबकि वास्तविक मूल्यांकन अलग होता है। ओएमआर शीट में गलत भराव, एक से अधिक उत्तर चिह्नित करना या अधूरी जानकारी जैसे कारण अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।


अभी अंतिम नहीं है मेरिट सूची

आयोग अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने स्पष्ट किया कि यह मेरिट सूची अनंतिम है और चयन प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। अब चयनित अभ्यर्थियों को ड्राइविंग टेस्ट देना होगा, जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा। इसी दौरान सभी जानकारियों का मूल दस्तावेजों से मिलान होगा।


गलत जानकारी देने वालों पर सख्ती

आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई अभ्यर्थी गलत नाम, जेंडर या शैक्षिक जानकारी देकर चयन प्रक्रिया में शामिल हुआ है, तो उसकी उम्मीदवारी तुरंत रद्द कर दी जाएगी। आयोग इस बात पर भी विचार कर रहा है कि ऐसे अभ्यर्थियों को भविष्य की भर्तियों से भी प्रतिबंधित किया जाए।


आगे क्या?

ड्राइविंग दक्षता परीक्षा की तिथि जल्द ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट चेक करते रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल, इस पूरे मामले ने भर्ती प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया है। अब सबकी नजरें ड्राइविंग टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि विवाद की असली वजह क्या है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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