देहरादून में विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल संवाद और तथ्याधारित संचार पर विशेष जोर देहरादून। सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल संचार के इस दौर में सोशल मीडिया अधिक से अधिक लोगों तक अपने विचारों के प्रसार के लिए सबसे प्रभावशाली माध्यम बनकर उभरा है। ऐसे परिवेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी अपनी डिजिटल उपस्थिति को मजबूत बनाने के लिए नई रणनीतियों पर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी सोशल मीडिया पर सक्रिय, प्रशिक्षित और दक्ष स्वयंसेवकों की टीम तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। देहरादून में इस उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों को सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, डिजिटल संचार, तथ्याधारित संवाद और सकारात्मक प्रस्तुति के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य डिजिटल मंचों पर संगठन के सेवा कार्यों, सामाजिक गतिविधियों और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों को व्यवस्थित एवं प्रमाणिक रूप से समाज के सामने रखना बताया जा रहा है। संजय कुमार, प्रांत प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तराखंड “सोशल मीडिया आज समाज तक सकारात्मक और तथ्यपरक जानकारी पहुँचाने का प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य से विश्व संवाद केंद्र द्वारा प्रत्येक माह सोशल मीडिया टीम की बैठक आयोजित की जाती है। वर्षभर जिलों में भी नियमित बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण वर्गों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के प्रभावी, जिम्मेदार और सकारात्मक उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। हमारा उद्देश्य समाजहित, राष्ट्रहित और सत्य आधारित संवाद को अधिक सशक्त बनाना है।” डिजिटल युग में बदल रही संवाद की संस्कृति पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। समाचारों के प्रसार से लेकर जनजागरूकता अभियान, सामाजिक आंदोलनों, आपदा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं और जनसंपर्क तक, डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसके साथ ही फेक न्यूज, भ्रामक सूचनाएं, आधी-अधूरी जानकारी और दुष्प्रचार जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऐसे माहौल में तथ्य आधारित संवाद और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। संघ का मानना है कि सोशल मीडिया पर उसके कार्यों और विचारों को लेकर भी समय-समय पर विभिन्न प्रकार के नैरेटिव सामने आते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित स्वयंसेवक तथ्यों और सकारात्मक संवाद के माध्यम से समाज के सामने प्रमाणिक जानकारी रखने का प्रयास करेंगे। प्रशिक्षण में इन विषयों पर रहा विशेष फोकस प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग, ग्राफिक्स एवं वीडियो आधारित प्रस्तुति, पोस्ट की पहुंच बढ़ाने की रणनीति, डिजिटल सामग्री का प्रसार, फैक्ट-आधारित संवाद, रिस्पॉन्स मैनेजमेंट, सोशल मीडिया एथिक्स, साइबर सुरक्षा, फेक न्यूज की पहचान और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वयंसेवकों को यह भी बताया गया कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना क्यों आवश्यक है। सेवा कार्यों को समाज तक पहुंचाने पर रहेगा जोर प्रशिक्षित स्वयंसेवक संगठन के विभिन्न सेवा प्रकल्पों, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक व्यवस्थित ढंग से समाज तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही संगठन की विभिन्न गतिविधियों को डिजिटल माध्यमों पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की रणनीति पर भी कार्य किया जा रहा है। सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने की पहल संघ का कहना है कि डिजिटल माध्यमों पर स्वस्थ, संयमित और तथ्याधारित संवाद लोकतांत्रिक समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी उद्देश्य से स्वयंसेवकों को संवाद की सकारात्मक शैली, प्रमाणिक जानकारी के उपयोग और जिम्मेदारीपूर्ण अभिव्यक्ति का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संगठन का मानना है कि तथ्य आधारित संवाद के माध्यम से समाज में विश्वास और जागरूकता को बढ़ाया जा सकता है। आगे और विस्तृत होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक स्वयंसेवक डिजिटल संचार की आधुनिक तकनीकों से परिचित होकर सोशल मीडिया पर जिम्मेदारीपूर्वक सक्रिय भूमिका निभा सकें। बदलते डिजिटल परिवेश में प्रभावी संवाद, तथ्यपरक जानकारी और सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा देना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बताया जा रहा है। Post navigation ऑपरेशन कालनेमी : केदारनाथ धाम में बिना सत्यापन रह रहे 15 साधुओं पर कार्रवाई बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने थामा भाजपा का दामन