चंपावत (उत्तराखंड): पिथौरागढ़–टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरोड़ाखान और बापरू के बीच शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक ऑल्टो कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद वाहन में आग लग गई, जिससे कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

अचानक अनियंत्रित हुई कार, गहरी खाई में गिरी

जानकारी के अनुसार, वाहन पिथौरागढ़ से टनकपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान मरोड़ाखान और बापरू के बीच अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। बताया जा रहा है कि सड़क का यह हिस्सा पहाड़ी और घुमावदार होने के कारण दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

गिरते ही कार में लगी आग

खाई में गिरने के कुछ ही क्षणों बाद कार में संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके के लिए रवाना हुए।

दो लोगों की मौके पर मौत

हादसे में कार के अंदर बैठे दो लोगों की जलकर मौके पर ही मौत हो गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं मिल सका। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है।

महिला और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल

दुर्घटना के दौरान कार में सवार एक महिला और दो बच्चे खाई में गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि कार के गिरते ही वे वाहन से बाहर जा गिरे, जिससे उनकी जान तो बच गई, लेकिन उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंची। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायलों को खाई से बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर पिथौरागढ़–टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी और खतरनाक सड़कों पर सुरक्षा उपायों की कमी के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। प्रशासन द्वारा हादसे की जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

प्रशासन की अपील

स्थानीय प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सावधानी बरतें, विशेषकर घुमावदार और ढलान वाले हिस्सों में गति नियंत्रित रखें।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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