Category: लेख

अभी भी वक्त है …

⇒ डा0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ विश्व केे विभिन्न क्षेत्रों में विकास की विसंगतियां हमारे सामान्य वैश्विक पर्यावरण के लिये कई गंभीर समस्या बन गयी हैं।परिणामस्वरूप हम पर्यावरण के जटिल मुद्दे…

आध्यात्मिक अन्तर्दृष्टि, दार्शनिक दृष्टिक्षेप, वैज्ञानिक विश्लेषण तथा सांगठनिक स्नेहिलता से युक्त श्री गुरुजी का चिन्तन

”माधवराव गोलवलकर को श्री गुरुजी के नाम से भी जाना जाना जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे सरसंघचालक (सुप्रीम लीडर) थे। आध्यात्मिक अन्तर्दृष्टि, दार्शनिक दृष्टिक्षेप, वैज्ञानिक विश्लेषण तथा सांगठनिक…

तिलाड़ी कांडः उत्तराखण्ड के इतिहास का काला दिवस

– डा. राजेश्वर उनियाल 30 मई 1930 भारत के इतिहास में काला दिवस के रूप में अंकित किया जाता है। इस दिन उत्तराखंड के जनरल डायर, दीवान चक्रधर जुयाल ने…

पहाड़ को पहाड़ पर ‘पहाड़’ सी उम्मीद

-योगेश भट्ट वरिष्ठ पत्रकार पूरी दुनिया जब बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है तो ऐसे में उत्तराखंड की तस्वीर भी बदल रही है। जिस पहाड़ से हर रोज…

हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी

– साकेन्द्र प्रताप वर्मा, सदस्य-विधान सभा उ0प्र0 लगभग 250 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राष्ट्र कुल गौरव महाराजा छत्रपति शिवाजी के जीवन पर आधारित अत्याधुनिक महानाट्य जाणता राजा मुझे भी देखने का…

स्वच्छ, स्वस्थ, श्रेष्ठ व एकात्म

कौशल अरोड़ा (जयपुर राजस्थान) भारतीय परम्पराओं में सभी को सुखी होने की कामना व उसी अनुरूप कृत्य करने के संस्कार पीढ़ी दर पीढ़ी मिले हैं; इस कामना का उद्धरण है,…

मेरा गांव मेरा तीर्थः समग्र ग्राम विकास को लेकर उत्तरांचल उत्थान परिषद की मुहिम 

लेखक-राम प्रकाश पैन्यूली, महामंत्री उत्तरांचल उत्थान परिषद उत्तराखण्ड देवतात्मा हिमालय की गोद में बसा एक पर्वतीय राज्य है, जिसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। विषम भौगोलिक परिस्थिति…

ऐसे उद्योगों पर ‘मेहरबानी’ क्यों सरकार ?

योगेश भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार क्या-क्या नहीं किया सरकार ने इस राज्य में उद्योगों को पनपाने के लिए। करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव दी, खेती की जमीन खत्म कीं, भू-उपयोग…

सुदामा’ के दर्द से अनजान संस्कृत का ‘सारथी’ !

-योगेश भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार “निसंदेह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को इसका श्रेय जाता है। संस्कृत की पताका लहाराने के लिए जो विजय रथ तैयार किया गया…

कोरोना के पीछे आ रही असल ‘महामारी’

योगेश भट्ट वरिष्ठ पत्रकार दुनिया भर में वैश्विक महामारी कोरोना का कोहराम है। जिस भारत में साल भर में तकरीबन 90 लाख मौतें होती है , जिनमें अधिकांश का कारण…

वैश्विक महामारी कोविड-19ः अब पहली सी नहीं रहेगी ये दुनिया (भाग-3)

योगेश भट्ट ( वरिष्ठ पत्रकार) #वैश्विक महामारी#कोविड-19..पिछली पोस्ट से आगे.. महामारियों की इतनी लंबी कहानी बताने का मकसद यह है कि महामारियां अभिशाप के तौर पर जरुर आती हैं, लेकिन…

वैश्विक महामारी कोविड-19ः अब पहली सी तो नहीं रहेगी ये दुनिया – 1

-योगेश भट्ट (बरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक) पूरी दुनिया खौफजदा है। चीन और अमेरिका जैसी महाशक्तियां आज एक वायरस के आगे बेबस हैं। चीन की धरती से निकला नोवल कोरोना वायरस(कोविड-19)…

अयोध्या – वामपंथी झूठ की कालिख से रंगे पन्ने और चेहरे

तीन दशकों तक जाली प्रमाण, बोगस बातें और झूठ के पुलिंदों के सहारे मंदिर के अकाट्य प्रमाणों को झुठलाने की कोशिश की गई. अदालत में झूठे साबित होते रहे, पर…

आखिर क्यों हटेंगे त्रिवेंद्र ?

योगेश भट्ट ‘त्रिवेंद्र सिंह रावत हटने वाले हैं’, ‘बहुत जल्द उत्तराखंड की सरकार को नया मुख्यमंत्री मिलेगा’, ‘त्रिवेंद्र के जाने की तारीख तक तय हो चुकी है’, पिछले काफी दिनों…

न्यायालय पर सतत् हमले और राम मन्दिर मुकदमा

विनोद बंसल ( Email : vinodbansal01@gmail.com) बात पांच दिसंबर 2017 की है जब देश के प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंड पीठ स्वतंत्र भारत के सर्वाधिक चर्चित 77…

कहां-कैसे मनाया जाता है दशहरा (विजयादशमी, 8 अक्टूबर पर विशेष)

योगेश कुमार गोयल दशहरा अर्थात विजयादशमी राष्ट्रीय त्यौहार है। यह देशभर में धूमधाम से साथ मनाया जाता है। हालांकि देश के विभिन्न हिस्सों में इस पर्व को मनाए जाने के…

पिंडदान, क्या है इसका महत्व

-आचार्य मुकेश कटारा धार्मिक ग्रंथों में मृत्यु के बाद प्रेत योनी से बचाने के लिए पितृ तर्पण का बहुत महत्व है. ऐसा माना जाता है कि पूर्वजों को किए गए…

आर्य-सम्बन्धी स्थापनाओं के मलवे पर रोमिला थापर के कुतर्क

मनोज ज्वाला भारत के मूल निवासी ‘आर्य’ हैं तथा पृथ्वी पर आर्यों के उद्भव का मूल-स्थान भारत ही है। अर्थात आर्य लोग बाहर के किसी दूर-देश की सीमा लांघकर भारत…