देहरादून, आजखबर। उत्तराखंड परिवहन विभाग भी बसों में फास्ट ट्रैक सिस्टम लगाने की कवायद में जुटा है। इसके बाद उत्तराखंड रोडवेज की किसी भी बस को नेशलन हाईवे पर टोल के लिए नहीं रुकना पड़ेगा। इससे न सिर्फ आसानी से टोल का भुगतान हो पाएगा, बल्कि टोल पर लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी। उत्तराखंड रोडवेज की लगभग 500 से 600 बसों में यह सिस्टम 15 जनवरी से लागू हो जाएगा। फास्ट ट्रैक सिस्टम से उत्तराखंड रोडवेज को बड़ा फायदा होगा। इसके लिए परिवहन निगम पेटीएम के जरिए बसों पर फास्ट टैग लगाएगा। इस बारे में उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि इस सिस्टम के लगने से बसों को नेशलन हाईवे के किसी भी टोल पर नहीं रुकना पड़ेगा। निगम हर महीने 600 बसों के लिए एक करोड़ रुपए सेंट्रल अकाउंट में जमा करेगा। जिस पर निगम को करीब 50 प्रतिशत यानी 50 लाख रुपए कैशबैक के रूप में वापस मिलेगा। देहरादून। उत्तराखंड परिवहन विभाग भी बसों में फास्ट ट्रैक सिस्टम लगाने की कवायद में जुटा है। इसके बाद उत्तराखंड रोडवेज की किसी भी बस को नेशलन हाईवे पर टोल के लिए नहीं रुकना पड़ेगा। इससे न सिर्फ आसानी से टोल का भुगतान हो पाएगा, बल्कि टोल पर लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी। उत्तराखंड रोडवेज की लगभग 500 से 600 बसों में यह सिस्टम 15 जनवरी से लागू हो जाएगा। फास्ट ट्रैक सिस्टम से उत्तराखंड रोडवेज को बड़ा फायदा होगा। इसके लिए परिवहन निगम पेटीएम के जरिए बसों पर फास्ट टैग लगाएगा। इस बारे में उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि इस सिस्टम के लगने से बसों को नेशलन हाईवे के किसी भी टोल पर नहीं रुकना पड़ेगा। निगम हर महीने 600 बसों के लिए एक करोड़ रुपए सेंट्रल अकाउंट में जमा करेगा। जिस पर निगम को करीब 50 प्रतिशत यानी 50 लाख रुपए कैशबैक के रूप में वापस मिलेगा। Post navigation चटक धूप ने दी लोगों को सर्दी से राहत 10 जनवरी को लगने वाले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे के आस पास की रहेगी