-हरिद्वार पुलिस ने इस अभियान को भिक्षा नहीं शिक्षा का नाम दिया
हरिद्वार। शहर में भिक्षा मांगने वाले बच्चों को पुलिस के प्रयास से अब स्कूलों में शिक्षा दिलाई जाएगी। सरकारी स्कूल नहीं बल्कि अच्छे और प्राइवेट स्कूलों में भिक्षा मांग रहे बच्चों को पढ़ाया जाएगा। हरिद्वार में ऑपरेशन मुक्ति अभियान की शुरुआत हो चुकी है। हरिद्वार पुलिस ने इस अभियान को भिक्षा नहीं शिक्षा नाम दिया गया है। हरिद्वार में यह अभियान 31 अक्तूबर तक चलेगा। भिक्षा नहीं शिक्षा अभियान को लेकर रोड़ी बेलवाला में ऐसे बच्चो व् उनके माता-पिता के साथ बैठक कर उन्हें इसके सम्बन्ध में विस्तृत रूप से बताया गया।
बुधवार दोपहर बाद बैठक में अभियान के प्रभारी सीओ सिटी अभय सिंह भी मौजूद रहे। बच्चों को पढ़ाने का इंतजाम भी पुलिस की ओर से किया जाएगा। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि दोबारा बच्चों से भिक्षा मंगवाने पर उनके माता पिता के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। जरूरत पढ़ने पर बच्चे का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। वही अभियान के प्रभारी सीओ अभय सिंह ने बच्चो के माता-पिता को बताय कि भिक्षा और शिक्षा में कितना अंतर है और आज के परिवेश में बच्चो के लिए शिक्षा कितनी आवश्यक है। उन्होंने बच्चो क्र माता-पिता से उनके शिक्षा में आ रही अड़चनों पर विशेष रूप से चर्चा की। जिससे की उन दिक्कतों को दूर कर इन बच्चो को उचित शिक्षा व्यवस्था मुहैया कराया जा सके। इस अवसर पर जीआरपी पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल ,सीडब्लूसी अध्यक्ष विनोद शर्मा ,व्यापारी नेता कैलाश केसवानी ,संजीव नैयर ,बीइंग भगीरथ के संयोजक शिखर पालीवाल सहित एनजीओ के सदस्य मौजूद थे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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