ऋषिकेश। जितेंद्र उर्फ जीतू की खुदकुशी के मामले में नया मोड़ आया है। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने अपने दोस्तों पर चोरी करवाने और पैसे का दबाव बनाने का आरोप लगाया। सुसाइड नोट के आधार पुलिस ने दोनों दोस्तों पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल रितेश साह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर घर से लापता चल रहे काले की ढाल निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू (30) का शव वीरभद्र रोड स्थित एक बगीचे के पेड़ पर लटका मिला। छानबीन और जांच पड़ताल के बाद मृत युवक का सुसाइट नोट मिला, जिसमे उसने अपनी मौत के लिए दोस्तों को जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में दोस्तों पर पैसे देने के लिए दबाव बनाने से तंग आकर मैं आत्मघाती कदम उठाने का मजबूर हूं। कोतवाल साह ने बताया की दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बताया कि आरोपित चोरी के मामले में वांछित हैं। आरोप सही पाए जाने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
क्वारंटाइन सेंटर में बदइंतजामी का आरोप

ऋषिकेश। ढालवाला स्थित क्वारंटाइन सेंटर में पृथकवास में रहने वाले लोगों ने बदइंतजामी का आरोप लगाया है। खाना निम्न स्तर का और बच्चे को दूध नसीब नहीं हो रहा है। जिम्मेदार दो टूक जवाब दे रहे सुविधा चाहिए तो खुद ही इंतजाम करें।
नगर पालिका मुनिकीरेती ने ढालवाला स्थित लाल बहादुर शास्त्री जूनियर हाईस्कूल में क्वारंटाइन सेंटर बनाया है। जहां बाहरी प्रांतों से जनपद की सीमा पर पहुंचने वाले प्रवासियों को नियमानुसार पृथकवास में रखा जाता है।
वर्तमान में क्वारंटाइन सेंटर में करीब 7 प्रवासी हैं। जिसमें 4 साल का एक बच्चा भी है। क्वारंटाइन में पत्नी और बच्चे के साथ रह रहे सतपुली, पौड़ी गढ़वाल के संदीप ने आरोप लगाया कि दो दिन से क्वारंटाइन सेंटर में है। समय पर खाना नहीं मिलता। सात लोग हैं और नहाने के लिए एक ही बाल्टी है। सफाई व्यवस्था भी लचर है। आरोप लगाया कि क्वारंटाइन के नाम पर नरक झेलने को मजबूर हैं। उनके बच्चे को दूध नहीं मिल रहा। सेंटर व्यवस्थापक से शिकायत करने पर खुद ही इंतजाम करने का जवाब मिल रहा है। घनसाली, ढालवाला क्षेत्र के क्वारंटाइन युवकों ने भी सेंटर में अव्यवस्था का आरोप लगाया। बताया कि सुबह और शाम सिर्फ खिचड़ी मिल रही है। जांच के नाम पर थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है। सेंटर प्रभारी वीडी कुडियाल ने बताया कि उनकी जिम्मेदारी सेंटर के देखरेख की है। भोजन आदि सुविधाएं प्रदान करना नगर पालिका प्रशासन का है। नगर पालिका प्रशासन ने यहां क्वारंटाइन सेंटर खोला है।

मारपीट मामले में दो युवक गिरफ्तार

ऋषिकेश। तपोवन स्थित एक होटल में केंद्र व्यवस्थापक शिक्षक से मारपीट करने के आरोप में पुलिस दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। उनके मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुनिकीरेती थाना पुलिस के मुताबिक दीवान सिंह रावत सहायक अध्यापक, नरेंद्रनगर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी कोविड 19 के तहत तपोवन स्थित ऋषिकेश इन होटल में केंद्र व्यवस्थापक के रूप डयूटी लगाई गई है। जहां शनिवार को क्वांरटाइन किए गए कुलदीप जोशी पुत्र डा. व्योम जोशी जी ब्लॉक, नई टिहरी और जगमोहन पुत्र राजेंद्र रमोला निवासी रमोल गांव, प्रतापनगर टिहरी गढ़वाल ने उसने मारपीट की। आरोप लगाया कि युवकों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। मुनिकीरेती थाना निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 188, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य दोनों युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हें रविवार को कोर्ट में पेश किया गया।

महिला ने पति पर लगाए संगीन आरोप

ऋषिकेश। पुलिसकर्मी से अवैध संबंध के मामले में शिकायकर्ता की पत्नी ने पति पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत पीड़िता ने ऋषिकेश कोतवाल को ईमेल देकर कार्रवाई की गुहार लगाई।
कोतवाल रितेश साह ने बताया कि बीती चार जून को एक पुलिसकर्मी और उसकी दूर की साली पर उसके पति ने अवैध संबंध रखने आरोप लगाया था। पुलिस पति की शिकायत पर छानबीन कर रही है। अब महिला ने पति पंचम सिंह पर ही मारपीट करने और अन्य संगीन आरोप लगाए हैं। बताया कि महिला ने ईमेल के माध्यम उन्हें शिकायत पत्र भेजा है। फिलहाल मामले की तहकीकात की जा रही है। महिला की शिकायत सही पाए जाने पर पति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

महिला सामुदायिक केंद्र को स्वीकृति दें, मेयर ने सूडा निदेशक को लिखा पत्र

ऋषिकेश। क्षेत्र में महिला सामुदायिक केंद्र खोलने की मांग उठने लगी है। महिलाओं की मांग पर ऋषिकेश मेयर ने राज्य नगरीय विकास अभिकरण निदेशक को पत्र भेज महिला सामुदायिक केंद्र की स्वीकृति देने की मांग की।
रविवार को मेयर अनिता ममगाईं ने राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के निदेशक को पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं को पुरुषों की तरह बराबरी का अधिकार दिया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं बढ़ चढ़कर कार्य कर रही हैं। कहा कि ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में एक भी महिला सामुदायिक केंद्र नहीं है। हाल ही में मंसा देवी क्षेत्र की महिलाओं ने यहीं समस्या उनके समक्ष रखी थी। कहा कि क्षेत्र में महिला सामुदायिक केंद्र न होने की वजह से महिला उत्थान के कार्यक्रमों में असुविधा हो रही है, जबकि यहां निरंतर महिलाओं द्वारा समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। उन्होंने क्षेत्र में महिला सामुदायिक केंद्र स्वीकृत करने की मांग की। इसके साथ ही मेयर अनिता ममगाईं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र प्रेषित कर क्षेत्र में प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की मांग की है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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