-चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी अधिसूचना की प्रतियां फूंकी

-कहा, गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन नहीं स्थायी राजधानी घोषित करे सरकार

देहरादून। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के तत्वाधान में प्रदेश में गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी की अधिसूचना जारी होने पर प्रदर्शन कर अधिसूचना की प्रतियां फूंकी। चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट और महिला शाखा की अध्यक्ष सावित्री नेगी के नेतृत्व में अनेकों राज्य आंदोलनकारियों ने देहरादून में जन विरोधी, आंदोलनकारी विरोधी, शहीद विरोधी, गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी अधिसूचना की प्रतियों को जलाया। राज्य आंदोलनकारी ऐस्लेहाल चैक के पास एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी अधिसूचना की प्रतियां फूंकी। उन्होंने नारे लगाए ‘गैरसैण दूर नहीं स्थाई राजधानी से कम मंजूर नहीं’ उत्तराखंड के शहीद अमर रहे।
केन्द्रीय अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट हरि कृष्ण भट्ट ने कहा कि जैसे ही कोरोना समाप्त होगा आंदोलनकारी समिति गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के समर्थन में देहरादून में विशाल रैली आयोजित करेगी। हरि कृष्ण भट्ट ने बताया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह से भी मिले और उनके द्वारा गैरसैण को खुला समर्थन दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। भट्ट ने कहा कि सरकार जनता का ध्यान बांटने के लिए इस तरह के काम कर रही है। बिना मूलभूत संसाधानों के विकास के राजधानी के रूप में गैरसैंण को राजधानी नहीं बनाया जा सकता है।  राज्य सरकार गैरसैंण में विकास के कार्य करवाने में विफल रही है, इसीलिए सरकार ऐसे हथकड़े अपना रही है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्ण सरकार ने गैरसैंण को ई- राजधानी बनाने की बात कहा है, ऐसे में तो हर का देहरादून से ही होगा। गैरसैंण में मात्र एक भवन खड़ा रहेगा सभी अधिकारी देहरादून से ही काम निपटा लेंगे। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को छलावा बताया।
चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप के आह्वान पर ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा के राज्यव्यापी विरोध में आज राज्य में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर जनविरोधी ग्रीष्मकालीन राजधानी की अधि सूचना को अग्नि को समर्पित किया गया। समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप, अध्यक्ष हरि कृष्ण भट्ट, महिला शाखा अध्यक्षा सावित्री नेगी और संरक्षक जयप्रकाश उत्तराखंडी ने आंदोलनकारियों का आह्वान किया कि वह गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मुहिम को जारी रखें व कल भी राज्य के तमाम हिस्सों में जनविरोधी, तुगलकी आदेश की प्रतियों को जलाना चारी रखें। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि हमारा अहिंसक आंदोलन है और हम शांतिपूर्ण लड़ाई लड़कर ही गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाकर रहेंगे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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