हरिद्वार: हरिद्वार जिले के श्यामपुर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। नवनिर्मित श्यामपुर फ्लाईओवर पर उत्तराखंड रोडवेज की बस और एक पिकअप वाहन की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद पुलिस और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। फ्लाईओवर के मोड़ पर हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, टनकपुर डिपो की उत्तराखंड रोडवेज बस नजीबाबाद से हरिद्वार की ओर आ रही थी। इसी दौरान हरिद्वार से बिजनौर की ओर जा रहा एक पिकअप वाहन, जिसमें कुल 10 लोग सवार थे, श्यामपुर फ्लाईओवर के मोड़ पर पहुंचा। इसी स्थान पर दोनों वाहनों के बीच टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराया। तीन लोगों की मौत, कई घायल दुर्घटना के बाद सभी घायलों को 108 एंबुलेंस सेवा की सहायता से जिला चिकित्सालय हरिद्वार पहुंचाया गया। उपचार के दौरान और उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किए जाते समय तीन लोगों की मृत्यु हो गई। मृतकों की पहचान अहान (18 वर्ष), निवासी बड़ापुर, नजीबाबाद शबाना (35 वर्ष), निवासी बड़ापुर, नजीबाबाद लगभग 35 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति घायलों की स्थिति गंभीर रूप से घायल शराफत (42 वर्ष) को बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। अन्य घायलों में अन्नू (18 वर्ष), सोनी लाल (25 वर्ष) निवासी हरदोई तथा शमीम (42 वर्ष) निवासी बिजनौर शामिल हैं। सभी का उपचार जिला चिकित्सालय हरिद्वार में जारी है। फ्लाईओवर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने श्यामपुर फ्लाईओवर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रात के समय फ्लाईओवर पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने से दृश्यता प्रभावित होती है, जिससे वाहन चालकों को मोड़ पर वाहन नियंत्रित करने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, यह स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया है। पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि दुर्घटना का कारण प्रकाश व्यवस्था या सड़क की संरचना थी। पुलिस ने शुरू की जांच सीओ अवनी तिवारी ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय की मोर्चरी भेज दिया गया है तथा परिजनों को सूचना दे दी गई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन और हाइड्रा मशीन की मदद से हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। Post navigation कैलाश विजयवर्गीय के बयान का संत समाज ने किया समर्थन, बोले— बड़े संगठन में आत्ममंथन और सुधार की प्रक्रिया निरंतर चलनी चाहिए