श्रीनगर। हेमवती नंदन गढ़वाल विवि के दो सदस्यीय जियोलॉजिस्ट की टीम ने ऋषिगंगा वैली में दूसरी बर्फ की झील खोज निकाला है। अगर जल्द इस झील को खोलने पर विचार नहीं किया गया तो एक बार फिर कोई तबाही घटित हो सकती है। केंद्रीय विश्वविद्यालय हेमवती नंदन गढ़वाल विवि की कुलपति अनपूर्णा नौटियाल ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर जल्द इस झील को नहीं खोला गया, तो फिर से कोई दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने बताया कि वाडिया इंस्टीट्यूट में पिछले कई सालों से ग्लेशियोलॉजी डिपार्टमेंट बंद हो गए थे, जिसे वे नीति आयोग के सम्मुख रखेंगी और इसको खुलवाने के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है। Post navigation रैणी के ऊपर बनी 350 मीटर झील ग्राहकों के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत