उतराराखंडी संगीत को विश्व मंे प्रसिद्धि दिलाई हीरा सिंह राणा नेः गढ़वाल सभा
देहरादून। उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध लोकगायक हीरा सिंह राणा के निधन पर अखिल गढ़वाल सभा ने शोक व्यक्त किया है। गढ़वाल सभा के अध्यक्ष रोशन धस्माना ने कहा अल्मोड़ा जिले में जन्मे हीरा सिंह राणा जी उत्त्तराखण्ड के सर्वोत्तम लोकगायकों में से एक थे। अपनी योग्यता से उन्होंने उतराराखंडी संगीत को विश्व मे प्रसिद्धि दिलाई। उन्होंने कहा कि सभा द्वारा कोई भी बड़ा कार्यक्रम या कौथिग उनके बिना पूरा नही होता था। वे बहुत ही सरल स्वभाव के थे।
महासचिव गजेंद्र भंडारी ने कहा कि स्व राणा को दिल्ली सरकार द्वारा गढ़वाली, कुमायूंनी, जौनसारी भाषा अकादमी के उपाध्यक्ष पद पर प्रतिष्ठित करने से ही साबित होता है कि वे गायक होने के साथ ही भाषा विद भी थे। उन्होंने पूरे उत्त्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। सांस्कृतिक सचिव पंडित उदय शंकर भट्ट ने कहा कि गढ़वाल सभा और पूरा सांस्कृतिक जगत उनके योगदान और सहयोग को कभी भुला नही सकता। उन्होंने कहा कि अपने ठेठ लोकगायकी के कारण उनका एक विशिष्ट स्थान हमेशा रहेगा।
लोकगायिका संगीता ढोंडियाल ने कहा कि राणा के साथ उनको बहुत कार्यक्रम करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि वे सरल स्वभाव के थे, सच्चाई और संवेदनशीलता की पराकाष्ठा थे और एक बहुत श्रेष्ठ लोकगायक होने के साथ साथ बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी भी थे, उन्होंने अपने रहते युवा पीढ़ी को लोकगयाजी की दृष्टि से तराशने का और आगे बढ़ाने का महवपूर्ण काम भी किया।।उनका अचानक चले जाना कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रचार सचिव अजय जोशी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त स्व राणा जी ष्रंगीली बिंदी घाघरी काईष् जैसी अनेकोंअपनी अमर रचनाओं से और अपनी श्रेष्ठ लोकगायकी से स्व राणा जी अमर हो गए हैं, बस आवश्यकता इस बात की है कि हम अब उनकी सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण व संवर्धन करें और वर्तमान व युवा पीढ़ी के माध्यम से इनको सुने, गुनें व आगे बढ़ाएं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों मे स्थान दे व उनके परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे।
बंशीधर भगत ने हीरा सिंह राणा के निधन पर शोक जताया
देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कवि, लोक गायक व लोक संस्कृति के वाहक हीरा सिंह राणा के निधन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अपने शोक संदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंसी धर भगत ने कहा कि हीरा सिंह राणा उत्तराखंड के उन प्रमुख लोक कवियों व लोक गायकों में से थे जिन्होंने यहाँ के लोक संगीत को विशिष्ट पहचान दिलाई। वे दिल की गहराई से लिखते और गाते थे।
श्री भगत ने कहा कि श्री राणा के निधन से उत्तराखंड और देश ने एक महान लोक कलाकार खो दिया है।जिसकी पूर्ति सम्भव नहीं होगी। उन्होंने कहा ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दे।
जन कवि व लोक कलाकार हीरा सिंह राणा का निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षतिः यूकेडी
देहरादून। उत्तराखंड क्रान्ति दल ने लोक कलाकार, जनकवि, लोक गायक हीरा सिंह राणा के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। यूकेडी नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृति के प्रसार प्रचार को विदेशी मंचो तक ले जाने में राणा जी के योगदान को नही भुलाया जा सकता है। पहाड़ की पीड़ा को कविताओं और गानों में उकेर कर बताया।एक सरल साधारण व मिलन सार व्यक्तित्व के धनी थे। उत्तराखंड राज्य संघर्ष के दौरान उक्रांद नेताओं के साथ संघर्षों में साथ रहे, एक लोक कलाकार व जन कवि के रूप में आंदोलन को अपनी वाणी से तेज किया। उक्रांद उत्तराखंड के लाल हीरा सिंह राणा के अपूरणीय क्षति पर शोकाकुल है व उनको शत शत नमन करते हुये विनम्रता के साथ श्रधांजलि अर्पित करता है।





