देहरादून। देवभूमि विचार मंच तथा स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को आत्मनिर्भर भारत सशक्त भारत विषय के साथ एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में धन सिंह रावत उच्च शिक्षा एवं सहकारिता दुग्ध एवं डेयरी विकास मंत्री मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी कुलपति इंदिरा गांधी नेशनल ट्राईबल विश्वविद्यालय तथा विशिष्ट वक्ता के रूप में श्री कश्मीरी लाल राष्ट्रीय संगठन मंत्री स्वदेशी जागरण मंच उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संयोजक, डॉ दीपक कुमार पांडे ने स्वागत एवं विषय परिचय के साथ प्रारंभ किया। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत मुख्य वक्ता के रूप में धन सिंह ने विषय की सारगर्भित तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सरकारी स्तर पर किए जा रहे, प्रयास डेरी के क्षेत्र में कारपोरेट क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी करने के संदर्भ में नौजवानों के लिए महिलाओं के लिए सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लिए किए प्रयासों को विस्तृत रूप से रखा। श्री कश्मीरी लाल राष्ट्रीय संगठन मंत्री स्वदेशी जागरण मंच श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी कुलपति इंदिरा गांधी नेशनल ट्राईबल विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में मुख्य वक्ता के रूप में हमारी सांस्कृतिक पक्ष आर्थिक पक्ष के साथी परिवार और शिक्षा की भूमिका जो आत्मनिर्भर भारत में हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं और उन्होंने सशक्त भारत और आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में जो योगदान दिया है ,उस पर अपने वक्तव्य में उद्बोधन किया। विशिष्ट वक्ता के रूप में श्री कश्मीरी लाल ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा किए जा रहे राष्ट्रीय स्तर पर तथा प्रदेश प्रदेशों के स्तर पर कार्यों और उसकी महत्व पर साथ ही मानसिक गुलामी से दूरी और स्वदेशी के महत्व और आजादी से पूर्व के स्वदेशी आंदोलनों की भूमिका तथा दत्तोपंत ठेंगड़ी तथा दीनदयाल उपाध्याय के मूलभूत चिंतन को अपने उद्बोधन में अपने उद्बोधन में विस्तृत रूप से उल्लेख किया। इस अवसर पर श्री भगवती प्रसाद राघव तथा सुरेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य का सानिध्य रहा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की जिसमें जिसको गूगल मी तथा यूट्यूब पर लाइव रखा गया। इस अवसर पर डॉ ऋचा कंबोज डॉ शशि प्रभा, प्रो एच.सी. पुरोहित, डॉ अनिता चौहान, डॉ डीपी सकलानी डॉ अंजलि वर्मा डॉ देवेश मिश्रा, आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन , डॉ रवि शरण दीक्षित, आयोजन सचिव तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ चैतन्य भंडारी द्वारा द्वारा किया गया। Post navigation रामनगर: रिहायशी इलाकों में आ रहे हैं वन्यजीव, दहशत का माहौल विरोध का अनोखा तरीकाः सड़क में धान की पौध रोप कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया