देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय में एक बार फिर विभिन्न मांगों को लेकर सचिवालय कर्मचारी हड़ताल में चले गए हैं। वहीं, दूसरी ओर सरकार ने नो वर्क नो पे का आदेश भी जारी कर दिया है। बीती शाम के बाद से ही सचिवालय संघ ने तत्काल ही आंदोलन की घोषणा कर दी थी। आपको बता दें कि एक दिन पहले ही सचिवालय संघ की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें संघ को उम्मीद थी कि उनकी मांगों पर सीएम निर्णय लेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा संघ के मन मुताबिक घोषणा न करने पर सचिवालय संघ ने सरकार को कड़ी चुनौती दे दी। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल से सचिवालय में कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों के सख्त रूख को देखते हुए सरकार ने भी आज शाम को सख्ती दिखाते हुए ‘नो वर्क, नो पे’ का शासनादेश जारी कर दिया है। ऐसे में जो कर्मचारी हड़ताल में रहेंगे, उनकी सैलरी काटी जाएगी। कर्मचारियों की मांगें- सचिवालय भत्ता जो कि अब तक ग्रेड पे पर 50 फीसदी है, इसे बदलकर मूल वेतन पर 10 फीसदी किया जाए। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के ग्रेड पे को बढ़ाने की मांग। सचिवालय संघ में सबसे बड़ा प्रभाव समीक्षा अधिकारियों का है. लिहाजा 5 वर्ष अनुभव वाले समीक्षा अधिकारियों के 4800 ग्रेड पे को बढ़ाने की मांग। राज्य संपत्ति विभाग के वाहन चालकों को सचिवालय प्रशासन में सम्मलित करने की मांग। सचिवालय सुरक्षा कर्मियों को पुलिस सैलरी स्लैब से अगल वेतन की मांग। पुरानी पेंशन मामले पर भी कमर्चारियों की मांग। Post navigation उत्तराखंड कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल, जनरल रावत को दी जाएगी श्रद्धांजलि, पूरे दिन स्थगित रहेगा सदन