देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में सात जनवरी को होने वाले एक दिन के विशेष सत्र में प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों होंगे। विधानसभा सचिवालय में सत्र के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सचिव विधानसभा जगदीश चंद का कहना है कि सचिवालय के पास पहले से ही तारांकित और आतारांकित प्रश्न शेष हैं, जिन्हें सत्र के दौरान रखा जाएगा। सत्र से आहूत करने से पहले स्पीकर कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक करेंगे।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को अगले 10 वर्ष तक बढ़ाने का प्रस्ताव पास करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया गया है। संविधान में आरक्षण की 10 साल की ही व्यवस्था है। हर 10 वर्ष के अंतराल में इसे अगले 10 साल के लिए बढ़ाया जा रहा है। 25 जनवरी 2020 को 10 साल की अवधि समाप्त हो रही है। इससे पूर्व सभी राज्यों की विधानसभाओं से आरक्षण की अवधि को अगले 10 साल तक बढ़ाए जाने को लेकर प्रस्ताव पास करने हैं। इसी उद्देश्य से उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। लेकिन इस एक दिवसीय सत्र सामान्य तौर पर आहूत होने वाले सत्रों के समान ही होगा। सत्र के आरंभ में प्रश्नकाल होगा और उसके बाद शून्यकाल आहूत होगा। सत्र के दौरान सरकार की ओर से एससी एसटी के आरक्षण को 10 साल बढ़ाए जाने का एक प्रस्ताव सदन में रखा जाएगा।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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