हरिद्वार। मां चण्डी देवी परमार्थ ट्रस्ट के तत्वावधान में द नेचर फाऊण्डेशन सोसायटी द्वारा बाल गृह हरिद्वार के बच्चों को मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। गणेशोत्सव के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। मां चण्डी देवी मंदिर के परमाध्यक्षध्मुख्य ट्रस्टी  महंत रोहित गिरी ने कहा कि बाल गृह के बच्चों को मिट्टी से भगवान गणेश की मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने में सभी को अपना सहयोग करना चाहिए। गणेशोत्सव धर्मनगरी में हर्षोल्लास व उत्साह के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मिट्टी की प्रतिमाएं बाल गृह के बच्चों को बनानी सिखायी गयी। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने से परिवारों में सुख समृद्धि का वास होता है। नेचर फाऊण्डेशन सोसायटी की अध्यक्ष किरण भटनागर ने कहा कि राजकीय बाल गृह के अनाथ बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आर्गेनिक खाद, जूट के थैले, जूट की दरियां, पायदान, चादर आदि बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। गणेशोत्सव के मौके को देखते हुए राजकीय बाल गृह के बच्चों को पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए द नेचर फाऊण्डेशन सोसायटी व मां चण्डी देवी परमार्थ ट्रस्ट के द्वारा गोबर, मिट्टी व गेंदे के फूल के बीज मिलाकर भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए सभी को अपना सहयोग करना चाहिए। मां गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए सभी को मिलजुल कर प्रयास करने होंगे। महंत रोहित गिरी समय समय पर मां चण्डी देवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को समय समय पर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया जाता है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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