आज बच्चे पहले के मुकाबले कम उम्र में इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और दुनिया में हर आधे सेकेंड में एक बच्चा ऑनलाइन होता है. ऐसे में जानकार चेतावनी दे रहे हैं कि ऑनलाइन दुनिया तक बच्चों की बढ़ती पहुंच से उनके लिए गंभीर ख़तरे भी पैदा हो रहे हैं. वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के यंग एंड रेज़िलिएंट सेंटर ने इस बारे में हाल ही में एक स्टडी की है.

इससे पता चला है कि कम आमदनी वाले परिवारों के बच्चे तो ख़ासतौर से अनजान लोगों से अनुचित या ग़ैर-ज़रूरी रिक्वेस्ट ब्लॉक नहीं करते हैं. इस अध्ययन में पाया गया था कि ऐसे लोगों की शिकायत न करने या ब्लॉक नहीं करने की वजह से बच्चे भविष्य में ख़ुद को अनचाहे संपर्क के कहीं ज़्यादा बड़े जोखिम में डाल देते हैं.

ब्रिटेन में ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट नाम के नए क़ानून के तहत तकनीकी कंपनियों की ये ज़िम्मेदारी होती है कि वो इंटरनेट पर बच्चों की अधिक सुरक्षा सुनिश्चित करें. लेकिन, इस क़ानून से जुड़े नए नियम 2025 तक लागू नहीं होंगे.
साभार-बी0बी0सी0 न्यूज

By उत्तराखंड संवाद भारती

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