-सीएम त्रिवेंद्र ने की राजस्व विभाग की समीक्षा
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण एवं फर्जी रजिस्ट्री को रोकने के लिये सब रजिस्ट्रार व राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से कार्य करने को कहा। उन्होंने म्यूटेशन के मामलों में कम से कम समय के निर्धारण तथा इससे होने वाली जन असुविधाओं के निराकरण पर ध्यान देने को कहा है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने भू अभिलेखों के रखरखाव व अद्यतनीकरण पर विशेष ध्यान देने पर बल देते हुए पौड़ी व अल्मोड़ा जनपद में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम के तहत भूमि का एरियल सर्वे कराये जाने के निर्देश दिये, इससे वास्तविक कृषि भूमि व वन भूमि की भी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समेकित राजस्व संहिता तैयार किये जाने के भी निर्देश सचिव राजस्व को दिये हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के लिए पद आवश्यक हो, उन्हें भरने की अविलम्ब व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिये विशेष अभियान संचालित किया जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों से नियमित रूप से अदालत लगाये जाने तथा तहसील दिवसों में आवश्यक रूप से सम्मिलित होने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारियों से प्रत्येक माह जनपद के सभ्रांत नागरिकों से भी वार्ता का सिलसिला आरम्भ करने को कहा। इससे प्रशासनिक व समस्याओं के समाधान में उनका भी सहयोग उन्हें मिलेगा तथा  आम जनता में सुशासन का भी संदेश जायेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी, मंगलवार को परगनाधिकारी तथा बुधवार को खण्ड विकास अधिकारी अपने कार्यालयों में निश्चित रूप से उपस्थिति रहकर जन समस्याओं का निराकरण करायें। बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव राजस्व सुशील कुमार, अपर सचिव मुख्यमंत्री डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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