गदरपुर। क्षेत्र में बंगाली एकता मंच की ओर से बैठक आहूत की गई। जिसमें बंगाली समुदाय के विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की गई। साथ ही बैठक में वक्ताओं ने सरकार से तत्काल जाति प्रमाण पत्रों से पूर्व पाकिस्तान शब्द हटाए जाने की मांग की। वहीं मांग न पूरी होने पर बंगाली समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है। गदरपुर के धर्मनगर गांव मे बंगाली एकता मंच के नेतृत्व में बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उनके माता- पिता का जन्म भारत मे हुआ है, इसलिए हम भारतीय हैं तो फिर हमारे जाती प्रमाण पत्र में पूर्व पाकिस्तानी शब्द क्यों लिखा जाता है। बैठक में सरकार से तत्काल जाति प्रमाण पत्र से पूर्व पाकिस्तान शब्द हटाए जाने की मांग की है। वहीं मांग न पूरी होने पर बंगाली समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है। बता दें कि बंगाली समुदाय के लोग जाति प्रमाण पत्र पर पूर्व पाकिस्तानी, बांग्लादेशी शब्द को हटाने की मांग लंबे समय से करते आए हैं। जिसके लिए समुदाय के लोग धरना- प्रदर्शन का रास्ता अख्तियार कर चुके हैं। कुछ महीने पहले भाजपा सरकार द्वारा बंगाली समुदाय के जाति प्रमाण पत्र को संशोधन करते हुए पूर्व पाकिस्तानी, बांग्लादेशी शब्द को हटाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद प्रमाण पत्रों में इस शब्द का हटा दिया। बंगाली समुदाय के जनप्रतिनिधि ने इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और सांसद अजय भट्ट का आभार जताया था। लेकिन कुछ समय से फिर से जाति प्रमाण पत्र पर पूर्व की भांति पाकिस्तानी बांग्लादेशी शब्द लिखकर आ रहा है। जिससे बंगाली समुदाय के लोगों में खासा रोष है। बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य पति जगदीश विश्वास ने कहा कि जब भी बंगाली समाज का कोई महिला या पुरुष चुनाव जीत जाता है तो उन्हें पाकिस्तानी कहकर टारगेट किया जाता है। साथ ही उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया साबित करने की कोशिश की जाती हैं, जो सही नहीं है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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