देहरादून। न्यूजीलैण्ड में आकलैण्ड में 18वें आकलैण्ड दिवाली महोत्सव का आयोजन किया गया। खूबसूरत रोशनी, उर्जा से परिपूर्ण नृत्य प्रदर्शन, भारतीय स्वादिष्ट व्यंजन, पटाखे आदि के साथ महोत्सव ने हर उम्र और हर वर्ग के दर्शकों का मन मोह लिया।  दुनिया भर में भारतीय समुदायों में मनाया जाने वाला दिवाली या दीपावली का त्योहार सबसे महत्वपूर्ण और सबसे प्राचीन भारतीय उत्सव है, रोशनी के इस त्योहार को न्यूजीलैण्ड में 4-5 दिनों के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। अब यह त्योहार प्रवासी भारतीय समुदायों (या दक्षिण एशियाई) के द्वारा भी धूमधाम से मनाया जाता है।
आकलैण्ड का दिवाली महोत्सव देश के सबसे रंगीन सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है, जिसके तहत न्यूजीलैण्ड के सबसे बड़े शहर में पारम्परिक और आधुनिक भारतीय संस्कृति का जश्न मनाया जाता है। इस अवसर पर आकलैण्ड में स्कायसिटी स्काय टावर, आकलैण्ड म्युजियम, आकलैण्ड हार्बर ब्रिज, वायाडक्ट हार्बर और क्वीन स्ट्रीट आदि सभी क्षेत्र भारतीय संस्कृति में सजे दिखाई दे रहे थे। 40 से अधिक फूड स्टाल्स पर आकलैण्ड वासियों और आगंतुकों ने  पारम्परिक भारतीय व्यंजनों का जमकर लुत्फ उठाया। दर्शकों को 50 घण्टे के लाईव मनोरंजन का आनंद पाने का मौका मिला, सप्ताहान्त के दौरान आयोटेया स्क्वेयर स्टेज, क्वीन सेंट स्टेज और स्ट्रीट जोन (क्वीन और वेकफील्ड कार्नर) में 200 से अधिक परफोर्मेन्स दिए गए।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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