देहरादून। सामाजिक संघठन व जन सरोकारों से जुड़े लोगों के साथ संयुक्त नागरिक संघठन ने नागरिक संशोधन कानून (सीएए) का समर्थन करते हुए रैली निकाली। साथ ही इस कानून के बाद कई जगह तोडफोड़ व आगजनी की घटनाओं की निंदा की। गांधी पार्क में रैली निकालने से पूर्व वक्ताओं ने प्रदेश की जनता से अपील की कि अफवाह पर ध्यान न दें देशवासी शांति बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अपनी अभिव्यक्ति के तहत लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जा सकता है, लेकिन विरोध की आड़ में हिंसा का देश में कोई स्थान नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन हमारा अधिकार हैं, लेकिन राष्ट्रीय संपत्ति को बिना नुकसान पहुंचाए अपना विरोध दर्जकर सकते हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने इसी अहिंसा के हथियार से देश को आजादी दिलाई। उन्होंने कहा कि कभी भी हिंसात्मक विचारों से अभिव्यक्ति का समर्थन नहीं किया जा सकता है। देश के सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि सब अपने-अपने संपर्क से सभी वर्गों में पारस्परिक सौहार्द, प्रेम, भाईचारा व एकजुटता को मजबूत करने का काम करें। रैली में आचार्य बिपिन जोशी, डॉ. एस फारूख, ब्रिगेडियर केजी बहल, डॉ. महेश भंडारी, सेवा सिंह मठारू, सुशील त्यागी, पीसी थपलियाल, प्रदीप कुकरेती, रमा गोयल, अरविंद गुप्ता, डॉ. मुकुल शर्मा, जितेंद्र डंडोना, मुकेश नारायण शर्मा, आरिफ खान, जीएस जस्सल, जेपी भटनागर आदि शामिल रहे। Post navigation नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला सिपाही निलंबित योजनाओं के लाभर्थियों के चयन में पारदर्शिता बरतेंः रेखा आर्य