उत्तराखंड

नागथात में पानी को तरस रहे ग्रामीण

विकासनगर। नागथात के डेढ़ सौ से अधिक परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गांव में गर्मी शुरू होते ही जल संकट खड़ा हो गया है। बार-बार मांग के बावजूद सुनवाई न होने से ग्रामीणों में जल संस्थान के खिलाफ रोष बना हुआ है। कालसी विकासखंड के नागथात गांव में छह सौ से अधिक की आबादी निवास करती है। गांव में जलापूर्ति के लिए 40 वर्ष पूर्व गडोल से तीन किमी लंबी लाइन बिछाई गई थी, लेकिन देखरेख के अभाव में लाइन जर्जर हो चुकी है। जिससे गर्मी बढ़ते ही जलापूर्ति ठप हो जाती है। ग्रामीण इंदर सिंह नेगी, गजेन्द्र तोमर, जयपाल सिंह, कृष्णा दत्त उनियाल, दुर्गा दत्त जोशी, दिलाराम, अमर सिंह, विक्रम सिंह आदि ने बताया कि वर्षों से लाईन जर्जर हालत में है। कई बार ग्रामीण श्रमदान कर लाइन को ठीक कर चुके हैं, लेकिन गर्मी के दिनों में जल स्तर कम हो जाने से गांव तक पानी नहीं पहुंच पाता। जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो जाता है। इतना ही नहीं, गांव में पेयजल लाईन के अलावा एकमात्र हैंडपम्प है। जिसपर दिनभर लोगों की लाइन लगी रहती है। बताया कि इस सम्बंध में कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई ग्रामीणों की समस्या पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उधर, संपर्क करने पर जल संस्थान के ईई नमित रमोला ने बताया कि जेई से रिपोर्ट लेकर जल्द लाइन को ठीक कराया जाएगा।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *