हरिद्वार। नए साल को देखते हुए दून व हरिद्वार वन विभाग ने हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। हरिद्वार वन विभाग की सभी रेंजों में सघन गश्त के आदेश जारी करने के साथ ही वन कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गयी हैं। दिसम्बर का महीना हरिद्वार वन विभाग के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। घने कोहरे के कारण ये समय वन्यजीव तस्करों के लिए मुफीद माना जाता है। यही वजह है कि नए साल के जश्न, ठंड और कोहरे की आड़ में बीच शिकारी जंगलों में घुसने का प्रयास करते हैं। वहीं, वन विभाग की चीला रेंज को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। सबसे ज्यादा सैलानी नववर्ष का जश्न मनाने यहां पहुंचते हैं। इसको देखते हुए यहां से गुजर रहे सभी वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। नए साल को देखते हुए वन विभाग द्वारा जगह-जगह अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार वन विभाग के प्रभागीय अधिकारी आकाश कुमार वर्मा ने बताया कि नए साल के दौरान मनोरंजन व् मंदिरो के दर्शन के लिए लोग जाते है ऐसे में मौके का फायदा आपराधिक प्रवित्ति के लोग उठाते है। इतना ही नहीं नए वर्ष का समय सम्बेदंशील होता है। ऐसे अवसर पर जंगलो मर दिन और रात की गस्त बढ़ दी जाती है। जिससे की किसी भी प्रकार की अनहोनी की सम्भावनाओ से बचा जा सके। ताकि कोई भी व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम ना दे सके। Post navigation अधिकारी व कर्मचारियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से ही सरकार की छवि की पहचान होतीः सीएम कांग्रेस ने दून में निकाली ‘संविधान बचाओ-भारत बचाओ’ पदयात्रा, मोदी सरकार को जमकर कोसा