देहरादून। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच उत्तराखंड के मार्गदर्शक और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश में भय फैलाकर मुस्लिमों को भड़काया जा रहा है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), एनआरसी के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है। इस कानून का विरोध देश के साथ गद्दारी है। यह कानून नागरिकता देने के लिए है ना कि किसी से नागरिकता छीनने के लिए। वर्तमान सरकार अल्पसंख्यकों को सम्मान और सुरक्षा देने की दिशा में कार्य कर रही है, जबकि कुछ पढ़े-लिखे अनपढ़ देश का माहौल खराब कर रहे हैं।
शुक्रवार को नगर निगम स्थित टाउन हॉल में सीएए को लेकर जन जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय समेत अन्य वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि इंद्रेश कुमार ने लोगों को सीएए की बारीकियों और फायदों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि देश का महौल बिगाडने के लिए मुस्लिमों को गुमराह किया जा रहा है। कुछ पढ़े-लिखे लोग भी मूर्खतापूर्ण बातें कर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं। जबकि, सरकार ने किसी के साथ अन्याय नहीं किया है। अन्य देशों में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को सुरक्षा और सम्मान देने के उद्देश्य से यह कानून लगाया गया है। विरोध करने वालों को ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए कि वे किसके साथ हैं। पाकिस्तान जैसे देश में अल्पसंख्यकों के साथ जो व्यवहार हो रहा है, वह जगजाहिर है। विडंबना है कि मुस्लिम राष्ट्र होने के बावजूद पाकिस्तान में मुस्लिमों को भी प्रताडिघ्त किया जा रहा है। जबकि हिंदुस्तान एक मात्र ऐसा देश है जहां सभी 72 फिरकों के मुस्लिमों को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त है। इस दौरान मंच के प्रांत सह संयोजक इंतजार हुसैन, शाहीन परवेज और रूबी बेगम ने भी लोगों को सीएए की जानकारी दी। इस दौरान असरार कुरैशी, नदीम जैदी, अमीर कुरैशी, मासूम अली, अनीस गौड, डॉ. इकबाल अहमद, गुलिस्ता, नसरीन आदि उपस्थित थे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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