डेंगू मामले में सीएम का बयान गैरजिम्मेदारानाः मोर्चा
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र रावत ने उच्च न्यायालय द्वारा डेंगू के मामले में संज्ञान लेने के पश्चात् दिये गये बयान कि ‘‘प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डेंगू से नहीं हुई मौत’’ की मोर्चा घोर निन्दा करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि हिलटाॅप व भांग की खेती ने त्रिवेन्द्र का मानसिक संतुलन बिगाड़ दिया है।
यहां आयोजित एक पत्रकार वार्ता में नेगी ने कहा कि एक अनुभवहीन, गैरजिम्मेदार अदूरदर्शी सी0एम0 की तजुर्बेकारी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि जिस प्रदेश के अधिकांश सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सक व सुविधाएं नहीं हो तथा सरकारी चिकित्सालय मात्र रैफर संेटर बनकर रह गये हों, उनकी बात करना समझ से परे हैं। मोर्चा ने हैरानी जतायी कि जिस प्रदेश सरकार को डेंगू मामले में राजभवन तलब कर चुका हो तथा न्यायालय नोटिस जारी कर चुका हो, उस प्रदेश में सी0एम0 की ओछी बयान बाजी शर्मशार करने वाली है। नेगी ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जिस प्रदेश में हजारों मरीज डेंगू से जूझ रहे हों तथा दर्जनों लोग असमय मौत की आगोश में समा चुके हों, उस प्रदेश के सी0एम0 द्वारा सरकारी अस्पताल का आंकड़ा जनता को दिखाया जाना बहुत ही गैर जिम्मेदाराना है। मोर्चा ने सी0एम0 को प्राईवेट अस्पतालों एवं जनता के बीच जाकर डेंगू का अपडेट लेने की सलाह दी, सी0एम0 हाउस में बैठकर आंकड़े नहीं पता चलते।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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