देहरादून। दो साल बाद पूरे जोशखरोश के साथ तीन मई से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के पहले ही दिन संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पहले ही दिन मौसम तीर्थयात्रियों के साथ ही सरकार समेत जिला प्रशासन का कड़ा इम्तिहान लेगा। मौसम विभाग की ओर से मंगलवार को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं से मैदान से लेकर पहाड़ तक बारिश की संभावना जताई है। यदि मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणी सच होती है और पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश होती है, तो इसका सीधा असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ेगा। बारिश के चलते जहां चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं, वहीं चारधाम यात्रा को लेकर सरकार, शासन, जिला प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों की भी कलई खुल सकती है।मौसम विभाग की ओर से जारी की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रा के पहले दिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश की पूरी संभावना है। यदि मैदान से लेकर पहाड़ों तक तक बारिश होती है, तो चारधाम यात्रा मार्गों में भी बारिश से भूस्खलन का पूरा खतरा रहेगा।
भूस्खलन हुआ तो यात्रा के भी प्रभावित होने का खतरा
यात्रा मार्ग पर बारिश से भूस्खलन होता है तो यात्रा के भी प्रभावित होने का खतरा है। वैसे तो सरकार, शासन और चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिला प्रशासन की ओर से यात्रा को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े सभी अफसरों, कर्मियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, लेकिन मौसम विज्ञानियों ने जिस तरह से बारिश की संभावना जताई है, उसे देखते हुए सरकार के साथ शासन-प्रशासन के अफसरों को और अधिक अलर्ट रहने की जरूरत है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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