उत्तराखंड

चमोलीः मनरेगा की समीक्षा, जिले में सर्वाधिक 81.11 प्रतिशत रोजगार

देहरादून। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने विकास भवन सभागार में समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं उप कार्यक्रम अधिकारियों की बैठक लेते हुए जिले में संचालित मनरेगा कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लंबित कार्योंं को शीर्ष प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत अच्छा कार्य कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने पर जिलाधिकारी ने जनपद की पूरी मनरेगा टीम को बधाई दी और आगे इससे भी अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्योंं में ग्राम पंचायत स्तर पर ही श्रम अंश 60 प्रतिशत एवं मैटिरियल अंश 40 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए और शुरू से ही इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत जिन कार्योंं के आंगणन स्वीकृत है उनको आज ही उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें और नए कार्यो के आंगणन नई दरें लागू होने पर ही तैयार किए जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना महामारी में बड़ी संख्या में प्रवासी गांव लौटे है। उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को अपने क्षेत्र में अभियान चलाकर गांव लौटे प्रत्येक प्रवासी से मनरेगा के तहत कार्य करने हेतु जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी प्रवासी मनरेगा में कार्य करने के इच्छुक है उनका शीघ्र जाॅबकार्ड बनाया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने अवगत कराया कि जिले में मनरेगा के तहत अप्रैल 2020 से 276 नए कार्य शुरू किए गए है तथा 957 नए पंजीकरण किए गए है। उत्पादन को बढाने के लिए पूरे जिले को 72 क्लस्टर में बांटा गया है। प्रत्येक क्लस्टर में 10 से 12 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके अलावा जनपद में 15 ग्रोथ सेंटर भी स्थापित किए जा चुके है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जनपद चमोली में 72677 जाॅब कार्ड धारक परिवारों के सापेक्ष 58949 परिवारों को रोजगार दिया गया। जो कि सम्पूर्ण प्रदेश में सर्वाधिक 81.11 प्रतिशत है।

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