टिहरी। करोड़ों के बजट खर्च होने के बाद भी केमर घाटी के ग्रामीणों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। बीते एक माह से सेंदुल ग्राम समूह पेयजल योजना पर पानी न आने से सेंदुल सहित आस-पास के ग्रामीणों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। साथ ही बालगंगा महाविद्यालय के छात्रों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
 वर्ष 2015-16 में करीब छह करोड़ की लागत से बनी सेंदुल पेयजल योजना का निर्माण छतियारा से बालगंगा महाविद्यालय तक किया गया। योजना के विवादों में रहने की वजह से क्षेत्र के कई गांव, नगर पंचायत चमियाला और बालगंगा डिग्री कॉलेज में अक्सर पेयजल का संकट बना रहता है। सेंदुल गांव व डिग्री कॉलेज में विगत एक माह से पेयजल आपूर्ति न होने के कारण ग्रामीण नदी व अन्य पेयजल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम घनसाली को ज्ञापन सौंपकर सेंदुल व बालगंगा महाविद्यालय के लिए अलग से पेयजल योजना के निर्माण की मांग की है। ग्राम प्रधान सविता मैठाणी, रामी देवी, सुनीता देवी, रेखा देवी, वीणा देवी, सत्येश्वरी देवी आदि ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारू न किए जाने पर विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर जल संसथान घनसाली के जेई ब्रह्मपाल का कहना कि स्रोत पर पानी कम होने के कारण पेयजल आपूर्ति काम हो पा रही है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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