देहरादून। कोविड-19 वर्तमान और भविष्य का परिदृश्य कलाओं के विशेष संदर्भ में एमकेपी पीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। एमकेपी पीजी कॉलेज देहरादून के तत्वावधान में संस्कार भारती, उत्तराखंड और देवभूमि विचार मंच उत्तराखंड, प्रज्ञा प्रवाह के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार कोविड-19 वर्तमान और भविष्य का परिदृश्य कलाओं के विशेष संदर्भ में का आयोजन 12 और 13 जून 2020 को किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी भारत सहित इंडोनेशिया, दुबई यूएसए, स्विजरलैंड, यूनाइटेड किंगडम से प्रख्यात वक्ताओं की सहभागिता रहेगी। इस अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का उद्घाटन संस्कार भारती के राष्ट्रीय संरक्षक और संस्थापक पदमश्री योगेंद्र बाबा ने किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत. अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे । पदमश्री योगेन्द्र बाबा ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में कलाकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कलाकार सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहां की ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन के द्वारा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पूरी तरह यह प्रयास किया गया है जिससे विद्यार्थियों का किसी प्रकार का नुकसान ना हो। उन्होंने कहा कि किस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में निष्कर्ष के रूप में जो भी बिंदु आते हैं उसकी रिपोर्ट शासन को अवश्य प्रेषित की जाए ।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र सिंह पुंडीर और प्रज्ञा प्रवाह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संयोजक भगवती प्रसाद ‘राघव’, डॉ राजेंद्र सिंह पुंडीर ने भारतीय संस्कृति, भारतीय जीवन पद्धति, और.ज्ञान की उपयोगिता व महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आरती जीवन दर्शन ही भारतीय जीके भारतीय जीवन दर्शन और पद्धति ही सार्थक है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर दिनेश सकलानी ने कहा कि कला हमेशा इतिहास के निर्माण में महत्वपूर्ण माध्यम रही ह।ै उन्होंने देश में कलाकारों द्वारा महामारी से मुक्ति के लिए देवी देवताओं की उपासना की प्रथा का उल्लेख किया और साथ ही आप ने उन कलाकारों और उनकी कलाकृतियों का भी वर्णन किया, जिनके द्वारा अपने चित्रों में इस महामारी को दर्शाया गया है। यूनाइटेड किंगडम से प्रख्यात नृत्यांगना काजल शर्मा आदि द्वारा सारगर्भित उद्बोधन दिया गया। प्रोफेसर हर्षवर्धन शर्मा सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास का उल्लेख किया गया। डॉक्टर नंदलाल ठाकुर ने वर्तमान परिदृश्य में कलाकारों के द्वारा इन समस्याओं का सामना किया जा रहा है डॉक्टर नवीन ने म्यूजियम कला संग्रहालय और गांव में किस तरीके से दर्शकों को कोविड-19 से सावधानी बरतनी चाहिए, उस पर प्रकाश डाला और साथ ही से बचाव की विभिन्न माध्यमों का प्ले किया गया। उन्होंने साधना मास की जगह रेस्पिरेट्री 5 सेटिंग मास्क और कला देवताओं और संग्रहालय में कंप्रेसिव मीटिंग टेक्नॉलॉजी के प्रयोग पर बल दिया प्रोफेसर हेमंत द्विवेदी ने कहा की वर्तमान समय में वर्चुअल ऑनलाइन क्लासेस मीटिंग और वेबीनार में वह अपनापन नहीं है जो वास्तव में मिलकर शिक्षण कार्य संगोष्ठी ने प्रतिभा गीता पर आता है प्रख्यात नृत्यांगना विदुषी काजल शर्मा प्रदर्शन कला ने क्षेत्र में कोविड-19 के परिणाम स्वरूप उत्पन्न हुई परिस्थितियों के फल स्वरुप जो समस्याओं का सामना कलाकार कर रहे हैं उनका उल्लेख किया और साथ ही इसके सकारात्मक पहलू पर भी विचार किया आपने कहा कि हमें दूसरों को सकारात्मक सोच रखने के लिए या अपने शिष्यों को सकारात्मक बनाने से पहले स्वयं अपनी विचारों को सकारात्मक रखने की आवश्यकता है तभी हम अपने शिष्यों को कुछ सिखा सकते हैं। प्रो0 रिचा काम्बोज इस अवसर पर एमकेपी के प्रो0 रिचा काम्बोज ने कहा कि कोरोना की विषम परिस्थिति में कलाकार सकारात्मक संदेश दे रहे, जिससे देश में सकारात्मक वातावरण निर्माण हो रहा हे। उन्होंने कहा कि है वह समय है जब हमें आत्ममंथन और आत्म ध्यान करने की आवश्यकता है जहां इस महामारी के नकारात्मक प्रभाव हैं। Post navigation मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में विनिर्माण व सेवा क्षेत्र के साथ ट्रेडिंग उत्तराखंड कोरोना अपडेटः 32 नए मामले फिर मिले, संक्रमितों की संख्या 1724 हुई