देहरादून। अखिल भारतीय किसान सभा की दो दिवसीय बैठक किसान सभा के कार्यालय गाँधी ग्राम स्थित पूरन चंद स्मरति भवन में संपन्न हुई। बैठक में केंद्र से दो पर्वेक्षक संयुक्त मंत्री एन के सुकला व विजू कृषनन उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता सुरेन्द्र सिंह सजवान व संचालन गंगाधर नौटियाल ने की।
बैठक में प्रदेश के 11 जिलो के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। केंद्र के किसान नेताओ ने कहा की मोदी सरकार ने बजट में किसानो के लिए भारी कटौती कर पूंजीपतियों को ही बढ़ावा दिया है जबकि देश के अंदर भारी क्रषि संकट के चलते किसान आत्महत्या कर रहे है द्य संकट दूर करने के लिए किसानो को सब्सिडी को लाभ कारी मूल्य देने की बजाए धन्ना सेठो के लाभ के लिए कॉनट्रक्ट फार्मिंग व कारपरोट फार्मिंग को बढ़ावा दे रही है द्य संसद में लम्बित किसान संगठनों के सांसदों द्वारा पेश बिल पर चर्चा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा की दो वर्ष से चले किसानो के देश व्यापी आंदोलनों ने मोदी सरकार को घढ़याली आंसु बहाने को बाध्य किया है। किसान सभा मांग करती है की श्रम कानूनों की भांति किसानो के लिए क्रषि कानून बना कर कृषि संकट दूर किया जाए। बैठक में राज्य गठन के बाद पर्वतीय क्षेत्रों की घोर उपेक्षा के चलते खेत बंजर हो गए है व गांवो की ताला बंदी पर घोर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस व भजपा सरकारों को ही जिम्मेदार माना गया है द्य बैठक में कई प्रताव पारित किए गए जिनमे जगली जानवरों से रोक थाम के लिए मनरेगा में व्यवस्था करना, क्रषि में सरकारी निवेश जैसे बागवानी,रेशम उधोग ,मौन व मत्स उधोग को बढ़ावा डे कर क्रषि को रोजगारोमुख, वनाधिकार कानून 2006,गन्ना किसानो का बकाया भुगतान ,किसानो को अपने पुत्रो को निशुल्क सटाम पेपर पर भूमि हस्तांतरित कर आदि प्रस्ताव पारित कर संगर्ष करने का आवाहन किया गया द्यबैठक में 25 प्रतिनिधियों ने भाग लिया द्य बैठक में बच्चीराम कोंसवाल ,शिवप्रसाद देवली,कमरुद्दीन ,दलजीत सिंह ,भगवान सिंह राना, राजेन्द्र सिंह,राजेन्द्र पुरोहित,रमेश धीमान,भूपाल रावत ,दिनेश पांडे ,माला गुरुंग ,सुधा देवली, रणजीत सिंह,याकूब अली आदि ने प्रस्ताव पेश किए व अनुमोदन किया।




