देहरादून। राज्य की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं एवं पंगु हो चुके आपदा प्रबन्धन की स्थिति को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में राजभवन देहरादून में राज्यपाल बेबी रानी मौर्या से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित किया। राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में उनका ध्यान राज्य की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं एवं राज्य में पंगु हो चुके आपदा प्रबन्धन तंत्र की ओर आकर्षित करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि देहरादून सहित सभी मैदानी इलाकों में डेंगू का प्रकोप भयावह रूप धारण कर पर्वतीय जिलों में भी पैर पसार चुका है। राजधानी देहरादून में डेंगू के कारण कई लोग असमय काल के ग्रास बन चुके हैं तथा अस्पतालों में रोज सैकड़ों नये मरीज भर्ती हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाने की बजाय अनर्गल बयानबाजी की जा रही है।  देहरादून महानगर के राजकीय दून मेडिकल काॅलेज, राजकीय गांधी शताब्दी चिकित्सालय, पं0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय सहित सभी चिकित्सालयों में डेंगू से पीडित मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, परन्तु रोगियों की संख्या के हिसाब से चिकित्सालयों में चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी तथा दवाओं की कोई व्यवस्था नहीं है। राज्यभर के अन्य सरकारी चिकित्सालयों में भी कमोवेश यही स्थिति है। राजकीय दून चिकित्सालय की आपातकालीन सेवा भी मात्र एक चिकत्सक के भरोसे चल रही है तथा डेंगू के मरीजों को चिकित्सालय से न तो प्लेटलेट्स ही उपलब्ध हो रहे हैं और न ही दवाई उपलब्ध हो पा रही हैं। उल्टे विभाग द्वारा ब्लड टेस्ट, सिटी स्कैन, एम.आर.आई., अल्ट्रासाउण्ड के दाम काफी बढ़ा दिये गये हैं जो गरीब मरीजों की पकड से बाहर होते जा रहे हैं। राज्य सरकार की अटल आयुष्मान योजना का सच भी लोगों के सामने आ चुका है तथा आयुष्मान योजना शोपीस बनकर रह गई है। इस योजना के कार्ड धारक गरीब लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग देहरादून सहित राज्य के अन्य जनपदांें में डेंगू से प्रभावित मरीजों की संख्या एवं डेंगू के कारण मरने वालों की संख्या भी छुपा रहा है। सरकारी अस्पतालों में भर्ती डेंगू के मरीजों से 10 गुना मरीज देहरादून एवं राज्य के अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।
राज्यभर में आई दैवीय आपदा के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेशभर मे हो रही मूसलाधार बारिश एवं अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के कई इलाकों में लोगों की जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। एक ओर जहां पर्वतीय क्षेत्र में भारी भूस्खलन व बादल फटने की घटनाओं के कारण कई लोग असमय काल का ग्रास बन गये हैं वहीं मैदानी इलाकों में बरसात का पानी लोगों के घरों में घुसने से घरों में रखा खाने-पीने का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है तथा उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली एवं पिथौरागढ में बादल फटने व भू-स्खलन से अनेक लोगों के मरने व मकान बहने की घटनायें सामने आई है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन एवं आपदा प्रबन्धन विभाग पूरी तरह निष्क्रिय है तथा सूचना देने के घण्टों बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। राज्यभर में आपदा प्रभावित लोगों को प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिल पाई है और न ही मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद भविष्य में सुरक्षा के कोई प्रबन्ध किये गये हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के मन में दहशत का माहौल व्याप्त है। उत्तराखण्ड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों, किसानों के पास कृषि भूमि की अल्पता तथा प्रत्येक वर्ष आने वाली दैवीय आपदा के कारण ग्रामीण क्षेत्र के परिवार भरण-पोषण के संकट से गुजर रहे हैं, ऐसे में राज्य सरकार का नैतिक दायित्व बन जाता है कि वह राज्य की जनता के हितों की रक्षा करे तथा कल्याणकारी राज्य की भावना का पोषण करें। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि प्रदेशभर में डेंगू बीमारी को महामारी घोषित किया जाय तथा इससे निपटने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर पीडितों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही राज्यभर में दैवीय आपदा में मारे गये लोगों के परिजनों व आपदा से प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआबजा दिये जाने तथा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की जानमाल की सुरक्षा एवं भोजन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार को निर्देशित करने की मांग की। प्रतिनिधिमण्डल में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के अलावा, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, पूर्व विधायक राजकुमार, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली, प्रदेश प्रवक्ता डाॅ0 आर.पी. रतूडी, गरिमा दसौनी, महानगर महिला अध्यक्ष कमलेश रमन, पी.के. अग्रवाल, प्रदेश सचिव गिरीश पुनेड़ा, भरत शर्मा, नवीन पयाल आदि शामिल थे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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