देहरादून। राजधानी दून में हुई आठ चोरियों का खुलासा करते हुए पुलिस ने कुख्यात शहजाद गैंग के दो शातिरों को लाखों के जेवरात व घटना में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल व घातक हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया है। गैंग का सरगना शहजाद फरार है जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। एस.पी. सिटी श्वेता चैबे द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि विगत कई माह से अज्ञात चोरों द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में बंद घरों को निशाना बनाते हुए चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था। चोरी की इन घटनाओं के खुलासे हेतू एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। चोरी की इन घटनाओं की जांच में जुटी पुलिस टीम को पता चला कि इन चोरियों को शातिर नकबजन शहजाद गैंग के सदस्यों द्वारा अंजाम दिया गया है। इस पर पुलिस ने अपनी जांच में तेजी दिखाते हुए बीती रात काली मन्दिर बसंत विहार के समीप से दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से बाइक, पिस्टल व रिवाल्वर मय कारतूस बरामद किया। थाने लाकर की गयी पूछताछ में उन्होने अपना नाम शमीम पुत्र इलियास व दानिश पुत्र सलीम निवासी रूड़की बताया। बताया कि वह कुख्यात नकबजन शहजाद गैंग के सदस्य है तथा उन्होने शहजाद के साथ मिलकर राजधानी दून में आठ चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस द्वारा देर रात ही शहर में हुई इन चोरियों से सम्बन्धित लाखों की ज्वैलरी व कैश आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने जिन चोरियों का खुलासा किया है उनमें बसंत विहार से पांच, शहर कोतवाली क्षेत्र की दो व थाना पटेलनगर की एक चोरी शामिल है। ——————————————————————— ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के 3 शातिर गिरफ्तार देहरादून। लाटरी, बीमा पालिसी व नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस द्वारा तीन शातिरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त दर्जनों एटीएम कार्ड, फर्जी पहचान पत्र, आधार कार्ड, 6 मोबाइल फोन व अनेको सिम भी बरामद किये है। एसटीएफ कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस उपाधीक्षक साइबर क्राइम अंकुश मिश्रा ने बताया कि बीते दिनो रूड़की निवासी शिवम कुमार द्वारा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में तहरीर देकर बताया गया कि उनके द्वारा नौकरी हेतु आवेदन क्यूकर पर किया गया था। जिसमें आरोपियों द्वारा धोखाधड़ी से इण्डिगो एयरलाइन्स और एचडीएफसी बैंक में नौकरी देने के नाम पर 45000 रूपये हड़प लिये गये है। मामले में साइबर क्राइम पुलिस द्वारा तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त मोबाइल, ईकृवालेट तथा बैंक खातोें के बारे में जानकारी की गयी तो सभी फर्जी निकले। जांच में पता चला कि आरोपियों द्वारा ठगी की इस घटना में कई बैंकों के खातों का प्रयोग किया गया है तथा आरोपियों द्वारा ठगी की रकम को विभिन्न एटीएम से निकाला गया है। साइबर पुलिस द्वारा इसके बाद एटीएम की सीसी फुटेज चैक की गयी तो तीन आरोपियों का पता चल गया जिसके बाद इन तीनों आरोपियों को ज्वालानगर विवेक विहार दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त दर्जनों एटीएम कार्ड, फर्जी पहचान पत्र, आधार कार्ड, 6 मोबाइल फोन, दर्जनों सिम व 10500 की नगदी बरामद की है। साइबर थाने लाकर की गयी पूछताछ में उन्होने अपना नाम अतुल, दुष्यन्त व उमेश बुद्धिराजा निवासी दिल्ली बताया। आरोपियों में से अतुल एक फोन कम्पनी में कर्मचारी है जो फर्जी प्रीएक्टीवेडेट सिम व फोन गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराता था। Post navigation भारी बर्फबारी से पहाड़ से मैदान तक हाड़ कंपाने वाली ठंड बढ़ी, जनजीवन अस्त-व्यस्त मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से चैपट कर दियाः इंदिरा हृदयेश