-प्रोग्राम उत्तराखण्ड, गुजरात, कर्नाटक, मेघालय, राजस्थान, उत्तरप्रदेश के 75 जिलों में चलेगा
देहरादून। जिला स्तर पर कौशल विकास को बढ़ावा देने के प्रयास में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने आज दो-वर्षीय फैलोशिप प्रोग्राम, महात्मा गांधी नेशनल फैलोशिप प्रोग्राम के लान्च के लिए इण्डियन इन्सटीट्यूट आफ मैनेजमेन्ट (आईआईएम) बैंगलोर के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस अवसर पर आर सुब्रमण्यम, सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार, डा के.पी. कृष्णन, सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, जी रघुराम, निदेशक, आईआईएम, बैंगलोर, जुनैद अहमद, कन्ट्री डायरेक्टर, विश्व बैंक तथा भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। कार्यक्रम का विकास कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री डा महेन्द्र नाथ पाण्डे के सशक्त मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया है, जो मंत्रालय के साथ जुड़ने के बाद से जिला स्तर पर कौशल विकास गतिविधियों में सक्रिय हैं।
एमजीएनएफ प्रोग्राम में जिला प्रशासन के साथ मूलभूत व्यवहारिक अनुभव का इन-बिल्ट अवयव शामिल है। गुजरात, कर्नाटक, मेघालय, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और उत्तराखण्ड के 75 जिलों में पायलट आधार पर लन्च किए गए इस प्रोग्राम के लिए योग्य फैलोज की उम्र 21-30 वर्ष के बीच होनी चाहिए, उनके पास किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए और साथ ही उनके लिए भारत का नागरिक होना भी जरूरी है। इसके अलावा फील्डवर्क में आधिकारिक भाषा की दक्षता भी अनिवार्य है। साझेदारी पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए डा के पी कृष्णन, सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने कहा, ‘‘आज भी ऐसे उम्मीदवारों की कमी है जो मूलभूत स्तर पर कौशल विकास प्रोग्रामों के प्रबंधन एवं संचालन में योगदान दे सकें, आईआईएम बैंगलोर के साथ इस फैलोशिप के माध्यम से हमने इसी समस्या को हल करने का प्रयास किया है। ‘‘इस प्रयास के माध्यम से हम बड़ी संख्या में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को सुनिश्चित करना चाहते हैं। हमें विश्वास है कि यह प्रोग्राम प्रतिभाशाली युवाओं को आकर्षित करेगा।




