देहरादून। हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में पैदा होने वाले कूड़े का इस्तेमाल बायोगैस बनाने में किया जाएगा। आईओसी इसके लिए बजट देगा। प्रदेश का यह पहला प्लांट होगा।
मंगलवार को विधानसभा में शहरी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सभी निकाय जैविक कूड़े से बनी खाद को कृषि और उद्यान विभाग को बेचने का प्रबंध करें। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन हरिद्वार में प्रस्तावित बायो गैस प्लांट में सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है, इसके लिए टेंडर सहित सभी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएं। इसी तरह रुड़की में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की प्रक्रिया तेज की जाए। कौशिक ने कहा कि डोर टू डोर कलेक्शन और सोर्स सेग्रीगेशन का लक्ष्य पूरा न होने तक निकाय 14वें वित्त आयोग से प्राप्त बजट का शत प्रतिशत इस्तेमाल इसी पर करेंगे। उन्होंने हल्द्वानी, काशीपुर, ऋषिकेश, रुद्रपुर और कोटद्वार जैसे नगर निगमों के लिए भी सॉलिड वेस्ट की नीति बनाने के लिए। इस अवसर पर नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद के अध्यक्ष विश्वास डाबर, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र हरबोला, सचिव शैलेश बगोली, निदेशक विनोद कुमार सुमन उपस्थित हुए।

By उत्तराखंड संवाद भारती

उत्तराखंड संवाद भारती उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की ताज़ा, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *