नई दिल्ली (हि.स.)। भूख से लड़ने के लिए सभी राज्यों से सामुदायिक रसोई स्थापित करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली बेंच ने नोटिस जारी किया है। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता अनूप धवन, ईशान सिंह और कुंजन सिंह ने दायर किया है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील फुजैल अहमद अयूबी ने कहा कि भूख और कुपोषण की वजह से पांच साल से कम उम्र के कई बच्चों की मौत हो जाती है। भूख और कुपोषण से बच्चों की मौत और भोजन के अधिकार और नागरिकों के जीवन के अधिकार और दूसरे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। याचिका में केंद्र सरकार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दायरे से बाहर लोगों के लिए राष्ट्रीय खाद्य ग्रिड बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। याचिका में भूख से होने वाली मौतों को कम करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएलएसए) को एक योजना तैयार करने का आदेश देने की मांग की गई है। याचिका में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, उड़ीसा, झारखंड और दिल्ली में सरकार के वित्तपोषण से चलाई जा रही सामुदायिक रसोई का हवाला दिया गया है। इन सामुदायिक रसोईयों में लोगों को रियायती दरों पर खाना दिया जाता है। हिन्दुस्थान समाचार Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation जाधव पर पाकिस्तान की मनगढ़ंत कहानी को दोहराने के लिए डाला गया भारी दवाब : विदेश मंत्रालय आधार के जरिए किया है आईटीआर फाइल तो अपने आप जरनेट होगा पैन नंबर : सीबीडीटी