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एटीएस कॉलोनी में आतंक का पर्याय बने बिल्डर पर डीएम का बड़ा प्रहार

देहरादून। राजधानी की एटीएस कॉलोनी में लंबे समय से विवादों और दबंगई का पर्याय बने  बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिला प्रशासन ने बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिल्डर पुनीत अग्रवाल को गुंडा एक्ट के तहत छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है।

जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने यह कार्रवाई जनसुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए की है। प्रशासन का मानना है कि आरोपी की गतिविधियां आम नागरिकों के लिए खतरा बन चुकी थीं और उसके खिलाफ लगातार गंभीर शिकायतें सामने आ रही थीं।

देहरादून में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले दबंग और विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ‘गुंडा’ घोषित कर 6 महीने के लिए जनपद से तड़ीपार कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के तहत यह सख्त आदेश जारी किए हैं।

बताया जा रहा है कि सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में लंबे समय से बिल्डर की दबंगई और आपराधिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोग भय के माहौल में जी रहे थे। मामला तब गंभीर हुआ जब डीआरडीओ वैज्ञानिक अनिरुद्ध शर्मा ने कथित अवैध दीवार निर्माण का विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसमें उनका कान का पर्दा तक फट गया। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी अभद्रता किए जाने की शिकायत सामने आई।

इस मामले में डीएम सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एसडीएम मसूरी से गोपनीय जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में कॉलोनीवासियों ने आरोपी के खिलाफ भय और आतंक का माहौल होने की पुष्टि की। रायपुर थाने में दर्ज मुकदमों और वायरल वीडियो को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया।

पुनीत अग्रवाल के खिलाफ पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। उस पर दीपावली के दौरान बच्चों पर लाइसेंसी पिस्टल तानने, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को धमकाने और जमीन कब्जाने जैसे आरोप भी लगे हैं। इससे पहले उसका शस्त्र लाइसेंस भी निलंबित किया जा चुका है।

जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुसार आरोपी को 24 घंटे के भीतर देहरादून छोड़ना होगा और अगले 6 महीनों तक बिना अनुमति जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बताया गया कि विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल ने कुछ समय पूर्व डीआरडीओ के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना में वैज्ञानिक के कान का पर्दा तक फट गया था। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।

इतना ही नहीं, आरोपी पर पूर्व में नाबालिग बच्चों को पिस्टल दिखाकर डराने-धमकाने के आरोप भी लग चुके हैं। उस समय भी जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया था।

पुनीत अग्रवाल के खिलाफ विभिन्न मामलों में बीएनएस की धाराओं 115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 के तहत पांच मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों और दबंगई की शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने आखिरकार गुंडा एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई अमल में लाई।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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One thought on “बिल्डर पुनीत अग्रवाल गुंडा एक्ट में जिला बदर, जनसुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त”
  1. जिला बदर होने के बाद भी पुनीत अग्रवाल एटीएस कॉलोनी में घूम रहा है और महिलाओं को घूर रहा है ।
    पुलिस ने आज तक जिला बदर किया नहीं है ।
    जिलाधिकारी के आदेश को एसएसपी मानने को तैयार ही नहीं हैं ।
    आदेश के तीसरे दिन भी पुनीत अग्रवाल देहरादून में आराम से है ।
    सूत्र बताते हैं कि पुलिस के बड़े अधिकारी से इसके संबंध हैं और इस पूरे प्रकरण में इसने काफ़ी धन भी खर्च किया है ।

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