देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आतंकी गतिविधियों में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी के पाकिस्तानी आतंकी संगठन ‘अल बर्क ब्रिगेड’ के आतंकी शहजाद भट्टी से तार जुड़े थे. इतना ही नहीं, आरोपी देहरादून स्थित प्रतिष्ठित सरकारी और सैन्य संस्थानों की लोकेशन और फुटेज पाकिस्तान भेज रहा था. जिसकी तहरीक-ए-तालिबान-हिन्दुस्तान (TTH) की भारत में विस्तार की योजना थी।
प्रेमनगर से असलहे के साथ आरोपी गिरफ्तार:
दरअसल, बीती 9 अप्रैल की रात को एसटीएफ यानी स्पेशल टास्क फोर्स और प्रेमनगर थाना पुलिस ने प्रेमनगर क्षेत्र से एक संदिग्ध युवक विक्रांत कश्यप (उम्र 29 वर्ष) निवासी झाझरा, प्रेमनगर (देहरादून) को 1 अवैध पिस्टल 32 बोर, 7 जिंदा कारतूस और 1 स्प्रै पेंट की कैन के साथ गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी एवं उसके साथी राणा के लगातार संपर्क में था।
उत्तराखंड एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पेशेवर अपराधियों और असमाजिक तत्वों समेत राष्ट्रविरोधी तत्वों के संबंध में इनपुट जुटाकर संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी. जिसके तहत पाकिस्तान से आतंकी संगठनों की ओर से भारतीय युवकों को इंस्टाग्राम समेत विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से फॉलोवर्स बनाने, फिर उनसे स्लीपर सेल के रूप में अवैध गतिविधियां करवाने से जुड़े इनपुट मिले थे।
पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था युवक: इसके बाद एसटीएफ ने मुखबिर और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए जानकारी निकाली. जिसमें पता चला कि विक्रांत नाम का एक युवक जो झाझरा क्षेत्र, प्रेमनगर (देहरादून) का रहने वाला है. वर्तमान में पाकिस्तानी आतंकी/आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी और उसके साथी राणा के संपर्क में है. जो सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी से दिशा निर्देश ले रहा है. इसके बाद एसटीएफ ने दबिश देकर विक्रांत को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे पाकिस्तानी आतंकी के संपर्क में आया?
पूछताछ के दौरान आरोपी विक्रांत ने बताया कि वो पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का फैन था, उसकी हत्या से वो नाराज था और उसकी हत्या करने वालों से बदला लेना चाहता था. इसी बीच इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी शहजाद भट्टी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वालों से बदला लेने के संबंध में रील और पोस्टें डाली थी, जिससे वो प्रभावित हो गया था.
आतंकी शहजाद भट्टी ने दिए टास्क:
विक्रांत ने शहजाद भट्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट को फॉलो करना शुरू कर दिया. कुछ दिन बाद व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से उसके संपर्क में आ गया. इसके बाद शहजाद भट्टी ने उसे कुछ टास्क दिए. जिसमें देहरादून और आसपास के मुख्य स्थानों एवं पुलिस थानों की वीडियो बनाकर भेजने के लिए कहा गया।
आतंकी शहजाद ने बम से दहलाने का भी दिया टास्क: इसके बाद विक्रांत को टास्क दिया गया कि देहरादून के महत्वपूर्ण भवन और संस्थान जैसे आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की वीडियो एवं फुटेज बनाकर भेजें. पूछताछ में विक्रांत ने बताया कि शहजाद भट्टी ने उसे इन जगहों को उड़ाने को कहा. जिसके लिए बम, हथियार और पैसे गुर्जर नाम के व्यक्ति की ओर से देने की बात कही गई.
आपत्तिजनक शब्द लिखने को कहा:
विक्रांत ने आगे बताया कि इसके बाद उसे शहजाद भट्टी ने टास्क दिया कि देहरादून के महत्वपूर्ण भवन व संस्थान जैसे आईएसबीटी, पुलिस मुख्यालय समेत अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों पर ‘तहरीक-ए-तालिबान-हिदुस्तान’ (TTH) लिखने को कहा. जिससे उनके संगठन टीटीएच का नाम हो और लोगों में दहशत फैले. फिर वीडियो बनाकर भेजने के लिए भी कहा गया।
इन जगहों पर युवक ने लिख डाले आपत्तिजनक शब्द: ऐसे में विक्रांत ने सेलाकुई में सुभारती अस्पताल के पास गली में स्थित एक फैक्ट्री के दीवार, अडवानी पुल के पास और बालाजी मंदिर झाझरा के पास अलग-अलग जगह पर स्प्रे पेंट की कैन से TTH लिख कर विडियो बनाकर भेज दी. इतना ही नहीं, उसने झाझरा पुलिस चौकी की लोकेशन और वीडियो फुटेज बनाकर भी पाकिस्तान भेजी।
इस लालच में आकर देश के साथ कर रहा था गद्दारी: इसके बाद पाकिस्तानी हैंडलर ने विक्रांत को दिल्ली स्थित एक संगठन के कार्यकर्ताओं और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का टास्क दिया. सभी टास्क के बदले उसे नेपाल के रास्ते दुबई ले जाकर वहां सेटल करने और अच्छा पैसा देने का प्रलोभन दिया गया था. इसी लालच में आकर वो देश के साथ गद्दारी करने लगा, लेकिन पकड़ा गया।
“गिरफ्तार आरोपी विक्रांत साल 2024 और 2025 में पंजाब के नाभा में भी रहा. जहां उसने ट्रक की बॉडी बनाने का काम किया. वो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था. अब पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के इशारे पर काम करता मिला है. उसके पास से बरामद मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. जिन पर अलग-अलग एजेंसियों के साथ मिलकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.”
– नीलेश आनंद भरणे, आईजी, एसटीएफ उत्तराखंड





