देहरादून। सोमवार को सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में नाबार्ड की तृतीय उच्चस्तरीय समिति की बैठक हुई। मुख्य सचिव ने अगस्त, 2019 में हुई नाबार्ड की द्वितीय उच्च स्तरीय समिति की बैठक में दिये गये निर्देशों के क्रम में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी विभागाध्यक्षों से कम्प्लीशन प्रोजेक्ट रिपोर्ट नाबार्ड को अविलम्ब उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित की जाने वाली काफी टेबिल बुक के लिये कम्प्लीट प्रोजेक्ट रिपोर्ट का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने निर्देश दिये हैं कि विभागों द्वारा जिन योजनाओं का अभी तक कार्य प्रारम्भ नही किया गया है, उनमें तेजी लायी जाय। उन्होंने धीमी प्रगति वाले प्रोजेक्टों की भी विभागवार समीक्षा की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक का संचालन करते हुए नाबार्ड के मुख्य महाप्रबन्धक श्री सुनील चावला ने बताया कि नाबार्ड द्वारा उत्तराखण्ड के सिंचाई, पेयजल, लोक निर्माण, उद्यान, कृषि, डेयरी विकास, मत्स्य, शिक्षा एवं उद्योग आदि विभागों के लिये वर्ष 2019-20 में 518.85 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गयी है। जिसके सापेक्ष 170.51 करोड़ की योजना के प्रस्ताव स्वीकृत किये जा चुके हैं, जबकि 246.94 करोड़ की योजनायें स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित विभिन्न विभागों द्वारा 1181 योजनाओं के विपरीत 1053 योजनाओं के कार्य पूर्ति विवरण उपलब्ध कराये जा चुके हैं। जिसमें लोक निर्माण की 928, सिंचाई की 125 योजनायें शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नाबार्ड द्वारा उत्तराखण्ड के लिए माइक्रो इरिगेशन फंड के तहत 5000 करोड़ रूपए का कारपस फंड की भी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर सचिव वित्त अमित नेगी, सौजन्या, सचिव शिक्षा आर.मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्यांकी, महाप्रबन्धक नाबार्ड देहरादून शिखा सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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