-देहरादून में सभी सरकारी अस्पतालों में खून की जांच तुरंत करने की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाय
देहरादून। उत्तराखंड क्रांतिदल के महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी ने डेंगू की रोकथाम के संबंध में महानिदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को एक ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि डेंगू राजधानी देहरादून में महामारी का रूप ले चुका है, स्वास्थ्य विभाग इस ओर लापरवाह बना हुआ है। देहरादून में सभी सरकारी हॉस्पिटल में खून की जांच तुरंत करने की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाय।
ज्ञापन मेें श्री ध्यानी ने कहा है कि उत्तराखण्ड में विगत कई वर्षों से डेंगू हर वर्ष महामारी का रूप लेकर इंसान की जीवनलीला समाप्त करते आ रहा है। हर वर्ष की तरह स्वास्थ्य विभाग डेंगू के रोकथाम व निवारण में असफल रहा है। इस वर्ष डेंगू महामारी का रूप लेकर 100 से ज्यादा जान ले चुकी है। सरकारी आंकड़े परम्परा के हिसाब से 6 या 7 बता रहा है, लेकिन सरकारी हॉस्पिटलों में घोर लापरवाही दिखने को मिल रही है। जैसे कोरोनेशन हॉस्पिटल में आज मरीज को खून की जांच करवानी है तो उसे सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच पर्ची कटवानी पड़ेगी, खून का सैम्पल 4 दिन बाद देना पड़ेगा यानि बारी आएगी और अगले 4 दिन में रिपोर्ट मिलेगी । यानि तब तक डेंगू के मरीज की इतिश्री हो जाएगी या फिर प्राइवेट लेबोरेट्री में जांच करवायेगा गरीब इंसान मरेगा या मजबूर होकर प्राइवेट में जायेगा।ये लापरवाही नही बल्कि प्राइवेट हॉस्पिटलों और लेबोरेट्री से स्वास्थ्य विभाग की सांठगांठ है।अस्थाई राजधानी देहरादून में खुद मुख्यमंत्री के अधीन स्वास्थ्य विभाग उनके नाक के नीचे भ्रष्टाचार है। स्वास्थ्य विभाग बैठकों में ही सीमित रह गया जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारी किसी की बात सुनने को तैयार नही। देहरादून सी०एम०ओ० फोन पर मिलते ही नहीं। जनता त्राहिमान कर रही है। उत्तराखण्ड क्रान्ति दल महानगर चेतावनी देते हुए आगाह करता हैं कि स्वास्थ्य विभाग अपनी सेवाओं की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर ले अन्यथा दल कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा। अस्थायी राजधानी देहरादून में सभी सरकारी हॉस्पिटल में खून की जांच तुरंत करने की व्यवस्थाओं को सुचारू ढंग दुरुस्त किया जाय। डेंगू जो महामारी बनकर हर वर्ष आती है स्वास्थ्य विभाग डेंगू के रोक या उपचार का कारगर हल निकाले। सरकारी अस्पतालो में लैब टेक्निकल स्टाफ में बढ़ोत्तरी करते हुए जांचों की व्यवस्थाओं को सुदृढ करे। स्वास्थ्य के संबंध में केंद्र पोषित स्वास्थ्य योजनाओं को शत प्रतिशत लागू करे।



