-कूड़ा मुक्त और कुरीति मुक्त भारत बनेः स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में गांधीवादी दर्शन पर आयोजित कार्यशाला में आये साबरमती आश्रम के व्यवस्थापक जयेश भाई के नेतृत्व में साबरमती आश्रम से आये गांधीवादी कार्यकर्ता और छात्रों ने प्रस्थान किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती, साबरमती आश्रम के व्यवस्थापक जयेश भाई, देवेन्द्र भाई, गंगा नन्दिनी, गांधी आश्रम अहमदाबाद के छात्र और कार्यकर्ता, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया। जयेश भाई ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज को झाडू भेंट किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि अब एक कदम स्वच्छता की ओर नहीं बल्कि हर कदम स्वच्छता की ओर। स्वच्छता के लिये हर एक को लगना होगा हर एक को जुड़ना होगा। उन्होने कहा कि सफाई का काम हर एक का काम, हर घर का काम, हर गांव का काम और हम सब का काम है। स्वामी ने कहा कि सभी के प्रयासों और संकल्पों के बाद अभी भी बहुत सारी जगहों पर गंदगी दिखायी देती है, कूड़े के ढ़ेर लगे हुये हैं। मुझे लगता है अब कूड़ा मुक्त भारत बनेय गार्बेज फ्री इण्डिया बने। कूड़ा मुक्त भारत और कुरीति मुक्त भारत बने। यह सब से बड़ी कुरीति है कि हम किसी को छोटा किसी को बड़ा समझेंय किसी को ऊँच किसी को नीच समझें। उन्होने कहा कि हम सब बराबर है, सब एक है और भारत माता की संतान है। आईये बिना भेदभाव किये भारतमाता की सेवा करे।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि गांधी दर्शन स्वच्छता के बिना अधूरा है। गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में साफ-सफाई और स्वच्छता के लिये प्रण कर अपना शौचालय खुद साफ करने का निर्णय लिया था। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र और राज्य सरकारों के मध्य समन्वय से स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता की कार्यप्रणाली में व्यवहारिक परिवर्तन हुआ है और स्वच्छ भारत मिशन श्रेष्ठ दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है परन्तु इसमें प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता की जरूरत है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि स्वच्छता के प्रति उदासीनता को छोड़कर स्वच्छता के उच्च मापदंड़ों को अपनाने का समय है आईये स्वच्छता को स्वीकार करें और उसे अंगीकार करे। स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने झाडू उठाकर सभी को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध भारत बनाने का संकल्प कराया।




