हरिद्वार। तुलसी मानस मंदिर के परमादेश म.मं. स्वामी अर्जुन पुरी महाराज ने राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दोनों पक्षों से सहृदयता से स्वीकार करने का आह्वान किया है। जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अर्जुन पुरी महाराज विदेश यात्रा कर अपने आश्रम में लौटे हैं और उन्होंने बयान जारी कर राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर कहा कि मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला हो उसे दोनों पक्षों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से हिंदू मुसलमान रहते आए हैं हमारी गंगा जमुना संस्कृति हमारी विविधता में एकता का प्रतीक है और भवान राम का आविर्भाव हजारों वर्ष पूर्व हुआ था जो सनातन हिंदुओं की आस्था का आधार है। अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बने इसका प्रयास दोनों पक्षों को मिलकर करना चाहिए ताकि सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे  स्वामी अर्जुन पुरी जी महाराज ने कहा कि हिंदू मुस्लिम दोनों भारत मां की संताने हैं। सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला दे उसे दोनों पक्षों को स्वीकार कर सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल कायम करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों संप्रदायों की आपसी लड़ाई में बहुत खून बह चुका है। अब शांति पूर्वक सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार कर भगवान राम के मंदिर का निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें और सुयश को प्राप्त करें।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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