उत्तराखंड

लापरवाहीः पीपीई किट की जगह एचआईवी किट भेज दी

देहरादून। हल्द्वानी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जांच और इलाज के लिए भेजी गई किट में बड़ी लापरवाही सामने आई है। हल्द्वानी एसटीएच और चम्पावत समेत कुमाऊं के अस्पतालों में पीपीई किट की जगह एचआईवी किट भेज दी गई। चार दिन पूर्व ही कई अस्पतालों में ऐसी किट भेजी गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने कुमाऊं में पीपीई के बजाए एचआईवी मरीज की जांच में प्रयोग होने वाली किट भेजी हैं। कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल एसटीएच के साथ ही फील्ड कर्मचारियों को भी एचआईवी किट दी गई, पर अब इसका प्रयोग रोक दिया गया है। चम्पावत में भी चार दिन पूर्व शासन स्तर से कुछ उपकरण मिले थे। तब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि सौ पीपीई किट की सप्लाई जिले में की गई है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि शासन स्तर से पीपीई किट के बजाय एचआईवी डिलीवरी किट की सप्लाई की गई है। चार दिन पूर्व इस किट के अलावा सौ ट्रिपल लेयर मास्क, सौ वीटीएम भी भेजे गए हैं। चम्पावत सीएमओ का कहना है कि चम्पावत जिले को सौ एचआईवी डिलीवरी किट मिली है। शीघ्र ही यहां पीपीई किट की आपूर्ति हो जाएगी जाएगी। पीपीई में गाउन, कैप, फेस मास्क, प्रोटेक्टिव आई केयर, दस्ताने और शू कवर शामिल होते हैं। दरअसल एचआईवी किट में चेहरे को ढकने के लिए चश्मे तो होते हैं, पर फेस कवर का हिस्सा नहीं होता है। इससे शरीर का कुछ हिस्सा खुला रह जाता है। जबकि पीपी किट पूरे शरीर को ढकती है, जिससे कि वायरस स्वास्थ्य कर्मियों के शरीर के किसी भी अंग के सीधे संपर्क में न आ पाए।

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