देहरादून। उत्तराखण्ड में मूसलाधार बारिश से पहाड़ में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह मार्ग बाधित हैं, जिससे आम लोगों को मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा है। मॉनसून की शुरुआत के साथ ही पहाड़ के लिए मुसीबतें शुरू हो गई हैं. कहीं बारिश में सड़क बह गई है तो कहीं नदी का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उत्तराखंड के चमोली जिले में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।बृहस्पतिवार शाम से लगातार हो रही बारिश के कारण पहाडों से सड़कों पर मलबा आ गया है जिससे बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग समेत गढ़वाल और कुमाऊं मंडल को जोड़ने वाला ग्वालदम-गैरसैंण राजमार्ग भी बंद हो गया है । चमोली जिला आपदा प्रबन्धन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पीपलकोटी से बदरीनाथ के बीच दो अलग-अलग स्थानों पर मलबा आने से अवरुद्ध है जबकि ग्वालदम मार्ग थराली और कर्णप्रयाग के बीच तथा गैरसैंण मार्ग सिमली और आदिबद्री के बीच बंद है। मार्ग को खोलने के लिए मौके पर मलबा हटाने का कार्य जारी है। पिथौरागढ़-घाट एनएच 55 घंटे से अधिक समय से बंद है। सड़क के खुलने के उम्मीद में पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को पूरे दिन भूखे-प्यासे इंतजार करना पड़ा। इसके बाद भी उनके हाथ निराश लगी। गुरुवार को तीसरे दिन भी पिथौरागढ़-घाट के बीच यातायात बहाल नहीं हो सका। एनएच मंगलवार रात से बंद है। दिल्ली बैंड, वल्दिया द्वार व चुपकोट बैंड के समीप भी पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने से सड़क खोलना चुनौती बन गया है। एनएचएआई ने गुरुवार को इस सड़क पर यातायात बहाल होने की बात कही थी। लेकिन बड़ी संख्या में मैदानी क्षेत्रों से यहां पहुंचे यात्रियों को देर शाम तक सड़क नहीं खुलने से खासी परेशानी हुई। Post navigation उत्तराखण्ड में थम रहा कोरोना का कहर, 264 नए मामले, 07 की मौत मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ा