-भिक्षुक गृह की आधी इमारत पर समाज कल्याण विभाग, निर्वाचन विभाग, किशोर न्याय बोर्ड का कब्जा
हरिद्वार। उत्तराखंड का समाज कल्याण मंत्रालय जन कल्याण की योजनाओं के बडे बडे दावे करता है लेकिन हरिद्वार मे समाज कल्याण विभाग की उदासीनता के चलते राजकीय भिक्षुक गृह दम तोड़ रहा है।  वर्तमान में भिक्षुक गृह की आधी इमारत पर समाज कल्याण विभाग,किशोर न्याय बोर्ड, निर्वाचन विभाग का कब्जा हैं।  जिला प्रशासन हरकी पौड़ी और अन्य स्थानों को भिखारीयो से मुक्त करने का दावा तो  करता है और भिक्षावृति पर लगाम लगाने के प्रयास में भिखारीयो को पकड कर रोशनाबाद स्थिति भिक्षुक गृह में लाकर बंद कर देता है।  लेकिन भिक्षुक गृह पर अन्य विभागो का कब्जा होने के कारण वहां बंद भिखारीयो को जानवरों की तरह बंद कर दिया जाता है। समाज कल्याण विभाग और सरकार की अनदेखी के कारण भिक्षुक गृह के  सत्तर प्रतिशत पद खाली पड़े हैं।  जिसके कारण बड़ी संख्या में प्रशासन के द्वारा पकड कर लाऐ गए भिखारीयो की सुरक्षा भी एक समस्या बनी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन और सरकार की उदासीनता के कारण भिक्षुक गृह में कभी भी कोई बडा हादसा हो सकता है क्योंकि ज्यादातर भिखारी नशेड़ी और अपराधीक प्रवृत्ति के होते है। देखने वाली बात यह है कि सरकार और प्रशासन इस ओर कब ध्यान देता है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

उत्तराखंड संवाद भारती उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की ताज़ा, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *