श्रद्धालु भूलकर भी नजरअंदाज न करें ये बातें
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में एक महिला तीर्थयात्री ने हृदय गति रुकने से दम तोड़ दिया। वहीं पुलिस ने कंचन गंगा के समीप बदरीनाथ हाईवे के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात बदरीनाथ में महिला तीर्थयात्री रामप्यारी (79), पिपरोली रोड, विकास कॉलोनी, वार्ड नं 53, सीकर, राजस्थान की अचानक तबियत खराब हो गई। उनके पुत्र पवन पापडिय़ा ने पुलिस को बताया कि वे मंगलवार रात को बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। रात को ही उनकी माता की अचानक तबियत बिगड़ी तो उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदरीनाथ ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  सीएमओ डॉ. एसपी कुडिय़ाल ने बताया कि महिला तीर्थयात्री की हृदय गति रुकने से मौत हुई है। वहीं, मंगलवार रात को बदरीनाथ थाना पुलिस को बदरीनाथ हाईवे पर कंचन गंगा के समीप एक व्यक्ति के अचेत अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली। जिस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस उसे बदरीनाथ के अस्पताल ले गई, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। मृतक का बांया हाथ कंधे से कटा हुआ है। थानाध्यक्ष केसी भट्ट ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। केदारनाथ में बढ़ रही यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शासन की ओर से प्रतिदिन दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या का निर्धारण कर दिया गया है। यात्रियों की संख्या का निर्धारण का ट्रांसपोर्टरों ने भी मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दर्शन करने की क्षमता 15 हजार और यमुनोत्री में  करने की क्षमता पांच हजार कर दी गई है। यात्रियों की संख्या निर्धारण करने के बाद पंजीकरण काउंटर पर अब यात्रियों को दर्शन करने की तारीख मिल रही है। आईएसबीटी स्थित चारधाम यात्रा पंजीकरण काउंटर पर केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को 20 मई की तिथि मिल रही थी। टीजीएमओ कंपनी के सचिव हिम्मत सिंह रावत ने बताया कि एक ओर से सरकार 30 लाख यात्रियों का आने का दावा कर रही है। वहीं केदारनाथ में एक दिन में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या 15 हजार तय करने से बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को परेशानी होगी। जो यात्री अपना प्लान बनाकर अपने घर से चले हैं। यदि ऋषिकेश पंजीकरण के दौरान उन्हें 15 दिन बाद की तिथि दर्शन के लिए मिलती है तो वह परेशान हो जाएंगे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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